Toll Collection On National Highway Increases: नेशनल हाईवे पर टोल कलेक्शन 82 फीसदी तक बढ़ी
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने कहा है कि लॉकडाउन के बाद देश भर में टोल कलेक्शन 82 फीसदी तक बढ़ चुका है। एनएचएआई ने कहा है कि यह संकेत है कि धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है। एनएचएआई ने बताया कि हाईवे और एक्सप्रेसवे पर कमर्शियल वाहनों की संख्या 91 प्रतिशत तक बढ़ी है।

हालांकि, कोरोना महामारी के कारण प्राइवेट वाहनों की आवाजाही काफी कम है। एनएचएआई देश भर के 679 टोल प्लाजा का संचालन करती है जिसमे में 571 टोल प्लाजा एनएचएआई की लिस्ट में एक्टिव हैं और वहां से टोल कलेक्शन होता है।

जुलाई में नेशनल हाईवे पर वाहनों की संख्या में बढ़ोत्तरी होने लगी है। एनएचएआई ने बताया कि हाईवे पर कमर्शियल, भारी वाहन और प्राइवेट वाहनों की तादाद सामान्य होने लगी है। टोल कलेक्शन पर आंकड़े देते हुए एनएचएआई ने कहा कि मार्च के पहले सप्ताह में 57.1 टोल ट्रांजेक्शन हुए थे जिसमे 90 करोड़ रुपये टोल चार्ज वसूला गया था।

मौजूदा आंकड़ों पर एनएचएआई ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में 40.4 लाख ट्रांजेक्शन हुए हैं जिसमे 72 करोड़ रुपये का टोल टैक्स इकठ्ठा किया गया है। इसमें फास्टैग और कॅश आधारित टोल कलेक्शन शामिल है।

एनएचएआई ने बताया कि टोल टैक्स के जरिये 70 प्रतिशत से अधिक कमाई बसों, ट्रकों और भारी वाहनों से होती है। टोल प्लाजा से गुजरने वाले अधिकतर वाहनों में फास्टैग लगाया होता है जिससे एनएचएआई को टोल कलेक्शन से संबंधित जानकारी इकठ्ठा करने में मदद मिलती है।

केंद्र सरकार ने देश में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए 25 मार्च को देश भर में लॉकडाउन घोषित किया था। लॉकडाउन के दौरान आपातकालीन सेवाओं को आसान बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल संग्रह को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था जिससे टोल ऑपरेटरों की कमाई बंद हो गई थी।

केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल में ही पुष्टि की थी कि सरकार जल्द ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर सेवा दे रहे टोल ऑपरेटरों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए जल्द ही कोई योजना तैयार कर सकती है।


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