Third-party Insurance On New Cars: नई कार के साथ 3 साल की थर्ड पार्टी इंश्योंरेस की अनिवार्यता खत्म
अब नई कार लेने पर आपको तीन साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेस लेना अनिवार्य नहीं है। हाल ही में इंश्योरेंस रेग्युलेटरी व डेवलपमेंट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (आईआरडीएआई) ने अपने 2018 के एक फैसले को पलट दिया है, जिसमें यह नियम लाया गया था।

आईआरडीएआई ने इस नियम को वापस ले लिया है। इसे सिंतबर, 2018 से लागू किया था तथा इस नियम के साथ आईआरडीएआई का मकसद था कि सड़क पर चल रहे सभी वाहन के पास वैध कवरेज हो। लेकिन इस नीति के परफोर्मेंस को देखा गया तो इसमें कई कमियां नजर आई।

इन कमियों को नए आदेश में बताया गया है, यह नया नियम 1 अगस्त 2020 से प्रभाव में आयेगा। इस नियम के कुछ कमियों में ग्राहक द्वारा खुद के वाहन की डेमेज के लंबे समय के प्रीमियम को जानना थोड़ा मुश्किल तथा तीन साल की नीति के तहत किसी फायदे के बारें में जानना मुश्किल होना शामिल है।

इसके साथ ही नई कार खरीदना ग्राहकों के लिए महंगा हो रहा था। इससे नए कार ग्राहकों को इश्योरेंस प्रदाता कंपनी बदलने में भी मुश्किल हो रही थी, इन्हीं सब चीजों को ध्यान में रखतें हुए यह फैसला लिया गया है कि इसकी अनिवार्यता को हटा दिया जाएगा।

इसका यह फायदा होगा कि अब नए ग्राहकों को तुरंत ही इंश्योरेंस लेने की जरूरत नहीं होगी, इससे कार खरीदी की कीमत भी कम हो जायेगी। साथ ही ऐसे संकट के समय में कार खरीदने का पूरा खर्च भी कम हो जाएगा, जो लोगों को नई कार खरीदने के लिए जरुर लुभाएगा।

कोरोना संकट की वजह से राजमार्ग मंत्रालय ने हाल ही में वाहन से जुड़े कागजात की वैधता को 30 सिंतबर 2020 तक बढ़ा दिया गया है। इन कागजात में ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का रजिस्ट्रेशन या फिटनेस सर्टिफिकेट आदि शामिल है, इससे पहले इसे 30 जून तक बढ़ाया गया था।

नितिन गडकरी की घोषणा के बाद सभी राज्य व केंद्र शासित प्रदेश को यह नियम जारी किया गया है कि मोटर वाहन से जुड़े सभी कागजात की वैधता सिंतबर 2020 तक बढ़ा दिया गया है। वर्तमान की स्थिति को देखतें हुए निर्णय लिया गया है।


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