Tata Postpones Deals With Chinese Car Makers: टाटा मोटर्स ने चीनी कार कंपनी से समझौते को किया स्थगित
लदाख के गलवान खाड़ी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद देश भर से चीनी सामान और कंपनियों के बहिष्कार की आवाज उठने लगी है। चीनी कंपनियों के खिलाफ विरोध का असर ऑटोमोबाइल सेक्टर पर भी दिखने लगा है। हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में चीनी ऑटोमोबाइल कंपनी के 4000 करोड़ रुपये के निवेश पर रोक लगा दी है।

अब टाटा मोटर्स ने भी चीनी कार कंपनी चेरी ऑटोमोबाइल के साथ व्यापारिक समझौते को ठंडे बस्ते में दाल दिया है। बता दें कि टाटा मोटर्स ने अपने पैसेंजर व्हीकल बिजनेस को बेचने के लिए चीनी कंपनी से साझेदारी की थी।

जानकारी के अनुसार चीनी कार निर्माता टाटा मोटर्स के पैसेंजर वाहन यूनिट में 49 प्रतिशत की हिस्स्सेदारी खरीदने वाली थी लेकिन सीमा पर दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव के कारण इस डील पर रोक लगा दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चीन में लैंड रोवर और जगुआर की कारों को बेचने के लिए टाटा ने चेरी ऑटोमोबाइल से साझेदारी की है। भारत में पैसेंजर वाहन कारोबार में लगातार हो रहे नुकसान के कारण टाटा ने मार्च में चीनी कंपनी से कारोबार को खरीदने के लिए पेशकश की थी।

बता दें, टाटा मोटर्स अपने इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास के लिए चेरी ऑटोमोबाइल से पार्टनरशिप के तहत काम कर रही है। भारत में पैसेंजर वाहनों की बिक्री काफी मुश्किल समय से गुजर रही है। कोविड-19 के कारण बिक्री में खासा नुकसान हुआ है।

फिलहाल टाटा के पोर्टफोलियो में ज्यादा कारें नहीं है। टाटा टियागो और अल्ट्रोज हैचबैक के बाद एचबीएक्स और ग्रैविटास टाटा आने वाली नई करें हैं। टाटा ने हैरियर के फेसलिफ्ट वैरिएंट को भी हाल ही में लॉन्च किया है।


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