Tata Petrol Cars Demand: टाटा के पेट्रोल कारों की डीजल से हैं अधिक मांग, जानें क्यों
टाटा मोटर्स के पेट्रोल कारों की मांग डीजल के मुकाबले अधिक चल रही है। टाटा मोटर्स वर्तमान में एंट्री लेवल मॉडल जैसे टिगोर, टियागो की बिक्री सिर्फ पेट्रोल में करती है जिस वजह से भी डीजल लोग अधिक नहीं चुन रहे हैं।

टाटा मोटर्स की बिक्री लगातार बेहतर होते जा रही है, वैसे तो कंपनी ने इस साल कोई भी नए मॉडल को नहीं उतारा है लेकिन बिक्री अच्छी चल रही है। कंपनी की अल्ट्रोज, टियागो व हैरियर जैसे मॉडलों की वजह से बिक्री अधिक होते जा रही है।

हाल ही में कंपनी के एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि टाटा मोटर्स के पेट्रोल कारों की मांग, डीजल मॉडल से अधिक चल रही है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि बीएस6 अपडेट की वजह से छोटे डीजल की कीमत अधिक हो गयी है, जिस वजह से ग्राहक नहीं खरीद रहे हैं।

इस सेगमेंट के ग्राहक कम माइलेज वाले यूजर है, जिस वजह से डीजल की जगह वह पेट्रोल का चुनाव करते हैं। इस कारण से भी टाटा की पेट्रोल कारों की बिक्री बेहतर चल रही है। कंपनी सिर्फ बड़े डीजल इंजन को बीएस6 अवतार में उपलब्ध करा रही है।

डीजल कारें वैसे तो अधिक माइलेज प्रदन करती है और टाटा की डीजल कर चलाने में भी है। लेकिन टियागो व टिगोर जैसे मॉडल के 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन बेहतरीन व तेज है। वहीं माइलेज के हिसाब से डीजल इंजन से पीछे नहीं हैं।

टाटा अल्ट्रोज व टाटा नेक्सन जैसे मॉडल पेट्रोल व डीजल दोनों इंजन विकल्प में उपलब्ध है, वहीं अल्ट्रोज अपने सेगमेंट में सिर्फ दोनों इंजन में उपलब्ध थी लेकिन नई हुंडई आई20 को भी अब दोनों इंजन विकल्प में ला दिया गया है।

अब वर्तमान में कारों के सुरक्षा की बात शुरू हो गयी है। हाल ही में तीन करों की सेफ्टी रेटिंग सामने आने के बाद शुरू हुई है, जिसमें हुंडई ग्रैंड आई10 नियोस भी शामिल है। इस कार को क्रैश टेस्ट में सिर्फ 2 स्टार रेटिंग मिली है।

कंपनी ने सोशल मीडिया पर दो ii से बड़ा चार को बताया गया है जो कि टाटा टियागो की सेफ्टी रेटिंग है। कंपनी ने इसे ग्रैंड साइंस नहीं साधारण गणित बताया है। टेस्ट परिणाम आने के बाद से ही हुंडई की कारों को लोग ट्रोल कर रहे हैं।


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