Bull Bar In Tata Nexon EV: टाटा मोटर्स के डिजाईनर ने ग्राहक को दी नसीहत, कहा कार से ये हटाएं
कारों के आगे लगने वाले आफ्टरमार्केट बुल बार भारत में प्रतिबंधित हैं और किसी भी निजी वाहन पर स्थापित नहीं किए जा सकते हैं। मोटर वहन एक्ट में भी बुल बार लगाने के खिलाफ सख्त नियम बनाये गए हैं और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। हालांकि, आज भी कुछ लोग नियमों का उल्लंघन कर अपनी कार में बुल बार लगवा लेते हैं।

किसी भी कार पर बुलबार बहुत सारी समस्याएं पैदा कर सकता है और पैदल चलने वाले के साथ दुर्घटना की स्थिति में घातक हो सकता है। एक टाटा ग्राहक द्वारा अपनी टाटा नेक्सन में बुल बार लगवाने पर टाटा मोटर्स के ग्लोबल डिजाइन हेड, प्रताप बोसे ने असहमति जताई है। दरअसल, टाटा मोटर्स ने 10 सितंबर को विश्व इलेक्ट्रिक वाहन दिवस के अवसर पर टाटा नेक्सन ईवी के ग्राहकों को एक समारोह में बुलाया था जिसमे कई लोग अपनी नेक्सन इलेक्ट्रिक कार के साथ शामिल हुए थे।

इनमे ही एक व्यक्ति शामिल हुआ था जिसने अपनी कार पर बुल बार लगाए रखा था। समारोह की तस्वीरों को जब टाटा मोटर्स ने अपने आधाकारिक ट्विटर हैंडल पर साझा किया तब कंपनी के चीफ डिज़ाइनर, प्रताप बोस की नजर इस कार पर पड़ी।

टाटा नेक्सन पर बुल बार लगा देख वे नाराज हो गए और कार मालिक को ट्वीट करते हुए कहा कि कार में बुल बार गैरकानूनी है और सड़क पर पैदल चलने वालों के लिए भी खतरनाक है।

उन्होंने बताया कि यह क्रैश के समय आपकी सुरक्षा नहीं करता बल्कि और अधिक खतरनाक हो जाता है। कई कार ग्राहक नई कार खरीदते समय इसलिए बुल बार लगाते है कि यह क्रेश के समय कार को नुकसान से बचाएगी।

हालांकि, पाया गया है कि बुल बार लगवाने से ज्यादा नुकसान हो सकता है। बुल बार को कार के चेसी पर फिट किया जाता है। अगर कार की सामने किसी चीज से टक्कर होती है तो इसका असर कार के फ्रंट में न होकर यह सीधा चेसी तक पहुंच जाता है, जिससे कार का ढांचा बिगड़ जाता है और अन्दर बैठे लोगों को भारी नुकसान होने की संभावना रहती है।

कार के अगले भाग को दुर्घटना झेलने के लिए बनाया जाता है ताकि कार के अन्दर बैठे लोगों को कम से कम नुकसान हो। दुर्घटना के समय यह हिस्सा झटके को बर्दाश करता है ताकि इसका असर अन्दर बैठे लोगों पर कम हो।


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