Supreme Court Pulls Up Automobile Associations: सुप्रीम कोर्ट ने वाहन कंपनियों को लगाई फटकार
देश की शीर्ष अदालत ने सोमवार को बीएस4 वाहनों की बिक्री को लेकर जारी किये गए डेडलाइन के संबंध में वाहन कंपनियों से सवाल किया है। सुप्रीम कोर्ट ने वाहन कंपनियों से लॉक डाउन खत्म होने के बाद बेचे गए वाहनों से संबंधित जानकारी की मांग की है। लॉकडाउन के कारण सुप्रीम कोर्ट ने बीएस4 वाहनों की बिक्री के लिए 31 मार्च की डेडलाइन में छूट दिया था, इसमें लॉकडाउन खत्म होने के बाद 10 दिनों के भीतर केवल 10 प्रतिशत बीएस4 वाहनों को बेचने की अनुमति दी गई थी।

दरअसल वाहन कंपनियों ने इस दौरान 10 प्रतिशत से अधिक बीएस4 वाहनों को बेच दिया है जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) को फटकार लगाई है। एक सर्कुलर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने 1.05 बीएस4 वाहनों की सेल व रजिस्ट्रेशन की अनुमति दी थी लेकिन वाहन कंपनियों ने 2.5 लाख से अधिक वाहन बेच दिए हैं।

सर्कुलर में यह भी कहा गया था कि बीएस4 वाहनों की बिक्री राजधानी दिल्ली और एनसीआर के क्षेत्रों में नहीं की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आदेशों का उल्लंघन करते हुए दिल्ली में भी बिक्री की गई है।

मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने फाडा को 27 मार्च 2020 से बेचे गए सभी बीएस4 वाहनों की जानकारी कोर्ट में जमा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने परिवहन मंत्रालय को 27 मार्च 2020 से पंजीकृत किये गए सभी वाहनों की जानकारी पेश करने का आदेश सुनाया है।

बता दें कि मार्च 2020 में लॉकडाउन की घोषणा के बाद फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) और सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स (सियाम) ने 1 अप्रैल 2020 से लागू होने वाले बीएस6 की डेडलाइन को बढ़ाने के लिए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

कंपनियों की अपील सुनते हुए कोर्ट ने लॉकडाउन खत्म होने के 10 दिनों तक बीएस4 वाहनों के 10 प्रतिशत स्टॉक की बिक्री की अनुमति दी थी। कोर्ट ने यह भी कहा था कि दिल्ली एनसीआर में बीएस4 वाहनों की बिक्री नहीं की जाएगी।

फाडा ने बताया था कि कंपनियों के पास 15,000 पैसेंजर कार, 12,000 कमर्शियल व्हीकल और लगभग 7 लाख बीएस4 टू-व्हीलर का स्टॉक बचा हुआ है। फाडा ने इन वहनों को बेचने और पंजीकरण की अनुमति मांगी थी।


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