Battery Swapping Stations: सन मोबिलिटी बेंगलुरु में बनाएगी 100 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन
सन मोबिलिटी ने बेंगलुरु में 2021 के अंत तक 100 बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों के निर्माण की योजना बनाई है। कंपनी शहर के प्रमुख इलाकों में बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों का निर्माण करना चाहती है। फिलहाल, शहर के घने आबादी वाले इलाकों में इंडियन आयल कारपोरेशन के पेट्रोल पंप के नजदीक चार बैटरी स्वैपिंग स्टेशन बनाये गए हैं।

सन मोबिलिटी ने लोगों को शहर के अंतिम छोर तक वाहन सेवा प्रदान करने के मकसद से सिटी मेट्रो राइड से साझेदारी भी की है जो शहर में मेट्रो स्टेशनों के आस-पास वाले इलाकों में इलेक्ट्रिक ऑटो सेवा प्रदान करती है।

मेट्रो राइड पियाजियो के इलेक्ट्रिक ऑटोरिक्शा का इस्तेमाल करती है। इन ऑटोरिक्शा की बैटरी को बदलने के लिए स्वैपिंग स्टेशन में सुविधा उपलब्ध की जाएगी।

बेंगलुरु में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत महत्वपूर्ण और घनी आबादी वाले इलाकों में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत शहर में टैक्सी सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों से चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में सहायता ली जा रही है।

शहर में ओला, उबर, और बाउंस जैसे टैक्सी और स्कूटर बुकिंग सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों ने भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को उतरने की घोषणा कर दी है। ओला अगले साल से भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटरों को लॉन्च करने वाली है, साथ ही अपनी फ्लीट में इलेक्ट्रिक कारों को अपनाने की योजना भी बनाई है।

कंपनी ने बताया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में आपार संभावनाएं हैं। छोटी इलेक्ट्रिक कारों को कम बजट में तैयार किया जा सकता है और इनकी कीमत भी ग्राहकों की जेब पर भारी नहीं पड़ेगी।

ओला की छोटी इलेक्ट्रिक कार बाजार में पहले से बिक रही बजाज क्यूट को टक्कर दे सकती है, साथ ही यह महिंद्रा एटम, टाटा मोटर्स और टीवीएस के इलेक्ट्रिक वाहनों को भी टक्कर देगी।

ओला के इलेक्ट्रिक स्कूटरों को अगले महीने लॉन्च करने वाली है। स्कूटरों के पहले बैच का निर्माण नीदरलैंड में किया जा रहा है, जिसे यूरोप और भारत में बेचा जाएगा। हाल ही में कंपनी ने एमस्टरडैम की इलेक्ट्रिक स्कूटर निर्माता कंपनी 'इटर्गो' का अधिग्रहण किया है।

ओला का कहना है कि स्कूटरों को 1 लाख रुपये के भीतर काफी कॉम्पिटिटिव कीमत पर लाया जाएगा। कंपनी भारत में स्कूटरों के निर्माण का सबसे बड़ा प्लांट लगाना चाहती है। इसके लिए कंपनी देश में उपयुक्त स्थान की तलाश कर रही है।

देश के कई शहरों में टाटा, एमजी और हुंडई जैसी कंपनियां इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज करने के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रही हैं। कंपनियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ेगी जिसके लिए चर्जिंग स्टेशनों का तैयार रहना काफी जरूरी है।


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