SpiceJet To Use Drones For Essential Item Delivery:स्पाइसजेट करेगी सुदूर इलाकों में ड्रोन से डिलिवरी
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने स्पाइसजेट को भारत के सुदूर इलाकों में ड्रोन के जरिये ई-कॉमर्स पार्सल, चिकित्सा, फार्मा और अन्य आवश्यक आपूर्ति के तेज और लागत प्रभावी वितरण के लिए ड्रोन का उपयोग करने की मंजूरी दे दी है।

स्पाइस जेट की कार्गो सेवा स्पाइस एक्सप्रेस ने ड्रोन के ट्रायल और टेस्टिंग के बाद इस सेवा को शुरू करने की घोषणा की है। स्पाइस जेट का दावा है कि कंपनी ड्रोन की मदद से सुदूर इलाकों में आवश्यक सामग्री की किफायती और तेज डिलीवरी करेगी।

स्पाइस जेट ने डीजीसीए को ड्रोन के परीक्षण के लिए प्रस्ताव सौंपा है जिसमे ड्रोन के प्रयोग के तौर पर परिक्षण करने की बात कही गई है। लॉकडाउन के वजह से देश के कई सुदूर और इलाकों में बसे गावों और कस्बों में राशन और चिकित्सा सामग्री की कमी हो गई है।

इन इलाकों में सरकार ने विशेष तौर ट्रकों और कार्गो वाहनों को चलने की इजाजत दी है लेकिन कई ऐसे क्षेत्र भी है जहां सड़क मार्ग से सामग्री पहुंचाने में काफी समय लग रहा है। ऐसे में इन इलाकों में ड्रोन की मदद से जरूरी सामानों को पहुंचाया जाएगा, जो जल्दी तो पहुंचेगा साथ ही किफायती भी होगा।

बता दें, भारत के पूर्वी राज्यों में पिछले कुछ दिनों से चल रहे टिड्डों के हमलों को देखते हुए डीजीसीए ने सभी पायलटों और एयरक्राफ्ट इंजीनियरों को सतर्क रहने के लिए सर्कुलर जारी किया है। डीजीसीए ने टिड्डों के झुंड को देखते ही तुरंत सुचना देने का आदेश दिया गया है।

डीजीसीए ने बताया है कि टिड्डों का झुंड हवाई जहाज के लिए खतरनाक हो सकता है। आमतौर पर टिड्डों का झुंड नीचे ही उड़ता है जिससे विमान के टेक ऑफ या लैंडिंग के वक्त दुर्घटनाएं हो सकती हैं। यह भी हो सकता है कि उड़ान के वक्त ही पायलट्स पूरी तरह से टिड्डों के कारण कुछ भी ना देख सकें। ऐसे में हादसा भी हो सकता है।

भारत 21 सालों बाद रेगिस्तानी टिड्डों का इतना व्यापक आतंक झेल रहा है। पाकिस्तान से होते हुए रेगिस्तानी टिड्डों का झुंड पहले राजस्थान में घुसा, जिसके बाद पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश तक फैल गया। यह जहां भी जा रहे हैं वहां फसलों को नष्ट कर रहे हैं।


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