Railway To Boost Automobile Loading: रेलवे ऑटोमोबाइल लोडिंग की क्षमता में करेगी विस्तार, जानें
देश में रेल नेटवर्क का औद्योगिक विकास में एक अहम योगदान है। भारतीय रेल न केवल औद्योगिक पत्पादों को कम समय में पहुंचता है बल्की यह उन्हें सबसे किफायती कीमत में भी सेवाएं प्रदान करता है। रेलवे के कारण आज देश में ऑनलाइन खरीददारी को भी बढ़ावा मिला है साथ ही मध्यम और छोटे उद्योगों को भी आगे बढ़ने का मौका मिला है। आज रेलवे ऑटोमोबाइल उत्पादों के भी परिवहन में मुख्य भूमिका निभा रही है।

हाल ही में रेल मंत्री पियूष गोयल ने सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मनुफक्चरर्स (SIAM) का प्रतिधिनित्व करने वाली वाहन कंपनियों से बातचीत में बताया है कि रेलवे वित्तीय वर्ष 2020-2021 में 20 प्रतिशत माल गाड़ियों का इस्तेमाल वाहनों को परिवहन सुविधा प्रदान करने में लगाएगी।

रेलवे मंत्री ने यह भी कहा कि अगर वर्तमान गति के विकास होता रहा तो 2023-24 तक रेलवे 30 प्रतिशत माल गाड़ियों का ऑटोमोबाइल परिवहन के लिए इस्तेमाल करेगी। पियूष गोयल ने यह भी बताया कि रेलवे के माध्यम से ऑटोमोबाइल का कुल लोड 2013-14 में 429 रेक से बढ़कर 2019-20 में 1,595 रेक हो गया है।

चालू वर्ष के पहले छह महीनों में रेलवे ने ऑटोमोबाइल के 836 रेक लोड किए हैं, जबकि 2019 में 731 रेक लोड किये गए थे । बैठक के दौरान, ऑटो उद्योग के प्रतिनिधियों को ऑटोमोबाइल लोडिंग को आसान बनाने और सुविधा प्रदान करने के प्रयासों से अवगत कराया गया।

एक बयान में पियूष गोयल ने बताया था कि रेलवे अपनी पैसेंजर और कूरियर ट्रेनों को 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक करने जा रही है और भारत ऐसा करने वाला दुनिया का पहला और सबसे बड़ा रेल नेटवर्क होगा।

अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। देश में 67,368 किलोमीटर रेलवे ट्रैक और 7,300 रेलवे स्टेशन हैं। सरकार के थिंक टैंक, नीति आयोग का कहना है कि भारतीय रेलवे ने 2014 में 6.84 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन किया था।

भारत में निर्मित सौर ऊर्जा उपकरणों का उपयोग करके 20 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा पैदा करने के लिए पटरियों के आस-पास की भूमि का उपयोग किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य नई तकनीकों को लाना, राजस्व को बढ़ावा देना और देश में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है।


Click it and Unblock the Notifications