Railway Exports Tata Ace To Bangladesh: रेलवे ने किया टाटा ऐस मिनी ट्रकों को एक्सपोर्ट
कोरोना वायरस महामारी के कारण एक तरफ जहां जन-जीवन अस्तव्यस्त है, वहीं भारतीय रेलवे की कैरिज सेवा अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही है। रेलवे देश ही नहीं बल्कि आस-पास के देशों में भी जरूरत के सामान पहुंचा रही है। हाल ही में भारतीय रेलवे ने अपने फेसबुक पेज में टाटा ऐस मिनी ट्रकों के एक्सपोर्ट की तस्वीरें साझा की है।

भारतीय रेलवे इन ट्रकों को उत्तराखंड के हल्दी रोड स्टेशन से बांग्लादेश के बेनापोल में एक्सपोर्ट कर रही है। रेलवे ने बताया है कि कूरियर और कैरिज सेवा अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही है। पिछले महीने भी रेलवे ने उत्तर प्रदेश के बरेली से 51 टाटा ऐस ट्रकों को बांग्लादेश एक्सपोर्ट किया था।

बता दें कि भारत और बांग्लादेश के बीच पेट्रापोल-बेनापोल एकीकृत चेकपोस्ट के जरिये सालाना 8.7 बिलियन डाॅलर का द्विपक्षीय व्यापार होता है। रेलवे ने यह व्यापार लॉकडाउन के समय भी जारी रखा था। कोरोना महामारी के बीच रेलवे ने अपनी फ्रीट सेवाओं को जारी रखा है।

इसके साथ ही लॉकडाउन के समय करोड़ों प्रवासी मजदूरों को अपने अपने राज्य पहुंचाने का काम किया है। भारतीय रेलवे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रेल नेटवर्क है। भारतीय रेल के अंतर्गत 70,000 पैसेंजर कोच और करीब 11,000 कैरिज कोच संचालित होते हैं।

भारतीय रेल की पहुंच शहरों और गांवों से लेकर हर दुर्गम स्थान तक है। टाटा ऐस मिनी ट्रकों की बात करें तो इसे 2005 में लॉन्च किया गया था, उस समय से यह मिनी ट्रक छोटे व्यापार में उपयोग के लिए काफी सफल रही है।

यह मिनी ट्रक गलियों और संकरे रास्तों पर भी आसानी से जा सकती है इसलिए तंग इलाको में इसकी उपयोगिता काफी बढ़ जाती है। फिलहाल टाटा के मिनी ट्रकों में ऐस, मैजिक, मंत्रा और आईरिस शामिल हैं।

टाटा ऐस में 700 cc का डीजल इंजन लगाया गया है जो 20 bhp पॉवर और 45 Nm का टॉर्क उत्पन्न करती है। यह ट्रक 750 किलोग्राम का पेलोड लेजाने में सक्षम है। इसमें 30 लीटर का फ्यूल टैंक दिया गया है। हालांकि, इस ट्रक में ऐसी, नेविगेशन सिस्टम और पॉवर स्टीयरिंग जैसे फीचर्सफीचर्स नहीं मिलते हैं।


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