Multi-Colored Cars Now Legal: भारत में अब मल्टी-कलर कार का रजिस्ट्रेशन गैरकानूनी नहीं
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब आरटीओ के एक इंस्पेक्टर की कार्रवाई पर निर्देश देते हुए कहा है कि मल्टी-कलर कार का रजिस्ट्रेशन कराना किसी भी तरह से गैर कानूनी नहीं है। दरअसल पंजाब आरटीओ के एक इंंस्पेक्टर ने एक मल्टी-कल एम्बेसडर का रजिस्ट्रेशन करने से इंकार कर दिया था।

इस मल्टी-कलर एम्बेसडर का असली कलर व्हाइट है। हाईकोर्ट आरटीओ को आदेश दिए कि मल्टी-कलर कारों का रजिस्ट्रेशन आरटीओ में कानूनी है, बशर्ते इन कारों के बेस कलर को देखा जा सके। इस मल्टी-कलर हिंदुस्तान एम्बेसडर से मामले में इस कार पर आर्ट वर्क किया गया है।

इस आर्टवर्क को मैक्सिकन आर्टिस्ट सेन्कोए ने बनाया है और इसका बेस कलर व्हाइट है, जबकि यह साफ देखा जा सकता है कि इस वर्कआर्ट आर्टिस्ट द्वारा कार के सफेद कलर पर पर अन्य कलर से पेंट से बनाया गया है।

हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने चंडीगढ़ प्रशासन को यह आदेश दिए हैं कि इस मल्टी-कलर हिंदुस्तान एम्बेसडर का रजिस्ट्रेशन कराया जाए और साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि पेटिशन दायर करने वाले एडवोकेट रंजीत मल्होत्रा को किसी भी तरह से हरास नहीं किया जाएगा।

कोर्ट ने कहा कि "केवल इस आधार पर पंजीकरण से इनकार करना कि वाहन की बॉडी पर वर्कआर्ट का काम होता है, लेकिन जहां बेस कलर सफेद रहता है, तो उसका रजिस्ट्रेशन न करना तर्क बद्ध नहीं। कोई भी व्यक्ति आसानी से समझ सकता है कि एक सफेद कार पर वर्कआर्ट कराया गया है।"

कोर्ट ने आरटीओ इंस्पेक्टर के बारे में कहा कि "निरीक्षक ने मनमाने ढंग से और पूरी तरह से सनक के साथ काम किया, जिससे याचिकाकर्ता को अनुचित उत्पीड़न हुआ।" दूसरे शब्दों में कहा जाए कि अगर कोई अपनी कार पर पेंट जॉब कराता है तो यह गैरकानुनी नहीं है।

पंजाब व हरियाणा हाईकोर्टे के आदेशानुसार अगर कार के बेस कलर को बरकरार रखते हुए पेंट वर्क कराया जा रहा है, तो यह किसी भी तरह से गैरकानूनी नहीं है। चूंकि यह उच्च न्यायालय का निर्णय है, इसलिए यह निर्णय देश भर में लागू किया जाएगा, जब तक किसी अन्य हाईकोर्ट की बड़ी बेंच या सुप्रीम कोर्ट इसे न बदल दें।


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