Petrol Sales Improves: पेट्रोल की मांग कोविड-19 के पूर्व के स्तर पर, डीजल की बिक्री भी बढ़ी
लॉकडाउन के कारण देशभर भर में पेट्रोल और डीजल की घटी मांग अब फिर से बढ़ने लगी है। तेल कंपनियों द्वारा जारी किये गए आंकड़ों के अनुसार सितंबर में अगस्त के मुकाबले 10.5 प्रतिशत अधिक तेल की बिक्री हुई ही। वहीं, पिछले साल सितंबर के मुकाबले इस साल सितंबर में तेल की बिक्री में 1.85 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

यह साफ संकेत है लॉकडाउन खत्म होने के बाद कारोबार और आर्थिक गतिविधियां पहले की तरह सामान्य गति पर लौट रही हैं। तेल की बिक्री में बढ़ोतरी का कारण वाहनों की बढ़ी बिक्री को भी माना जा रहा है। कोरोना महामारी के कारण कार और बाइक की बिक्री में इजाफा हुआ है, निजी वाहनों की बिक्री भी पिछले साल के मुकाबले बढ़ी है।

देश के शीर्ष रिफाइनर इंडियन ऑयल कार्पोरेशन द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार सितंबर में 4.84 मिलियन टन पेट्रोल की खपत हुई है जोकि पिछले साल की तुलना में 7.3 प्रतिशत कम है, लेकिन अगस्त के मुकाबले 22 प्रतिशत अधिक है। पेट्रोल की बिक्री में लगातार बढ़ोतरी हो रही है जो तेल कंपनियों के लिए राहत की बात है।

ईंधन की मांग में बढ़ोतरी के कारण पिछले महीने आईओसी की क्रूड प्रोसेसिंग में सुधार हुआ है। आईओसी के अध्यक्ष एम.एस.वैद्य ने कहा कि इस तिमाही में ईंधन की खपत पूर्व-कोविड स्तरों पर लौट सकती है। इंडियन आयल कारपोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प और भारत पेट्रोलियम भारत के खुदरा ईंधन आउटलेट में लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं।

राज्य के खुदरा तेल विक्रेताओं ने सितंबर में 2.3 मिलियन टन द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस बेची, जो पिछले साल की तुलना में 5.3 प्रतिशत और अगस्त से 3.6 प्रतिशत अधिक है।

जेट ईंधन की बिक्री पिछले महीने अगस्त से 23.4 प्रतिशत बढ़कर लगभग 2,90,000 टन हो गई, लेकिन पिछले साल के मुकाबले 53 प्रतिशत कम रही। हवाई यात्राओं में अंकुश के कारण जेट ईंधन की बिक्री नहीं बढ़ रही है।

तेल कंपनियों को उम्मीद है कि अगले साल से कारोबार सामान्य स्थिति में पहुंच सकता है। देश में परिवहन सेवाओं के सामान्य स्थिति में लौटते ही तेल की मांग में काफी इजाफा होगा।


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