Petrol, Diesel Demand Falls: जुलाई माह में पेट्रोल और डीजल की मांग में आई भारी गिरावट
भारत में पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार इजाफा होता जा रहा है, जिसकी वजह से जुलाई माह के पहले 15 दिनों में पेट्रोल और डीजल की मांग में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल की मांग में आई गिरावट का एक और कारण लॉकडाउन भी माना जा रहा है।

बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते कुछ राज्यों ने लॉकडाउन को जारी रखा है, जिसके चलते पेट्रोल और डीजल की मांग कम हुई है। आपको बता दें कि बीते शुक्रवार को भारत दुनिया का तीसरा ऐसा देश बन गया है, जहां कोरोना वायरस संक्रमण के 10 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।

कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में संयुक्त राज्य अमेरिका पहले और ब्राजील दूसरे स्थान पर हैं, जहां इस वायरस से संक्रमित मामले 10 से ऊपर जा चुके हैं। बता दें कि भारत दुनिया का तीसरा ऐसा देश है, जहां पेट्रोल और डीजल की खपत सबसे ज्यादा है।

लेकिन बीते अप्रैल माह में क्रेंद्र सरकार द्वारा लगाए गए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के चलते पेट्रोल और डीजल की मांग में ऐतिहासिक गिरावट आई थी। इंडियन ऑयल द्वारा संकलित डाटा के अनुसार राज्य रिफाइनर्स की डीजल बिक्री, जो कि पूरे भारत में ईंधन बिक्री का पांचवां हिस्सा है।

जिसकी बिक्री जुलाई माह के पहले 15 दिनों में 18 प्रतिशत कम हो गई है और 2.2 मिलियन टन रह गई है। आपको बता दें कि राज्य कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल कॉर्प, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प और भारत पेट्रोलियम देश के 90 प्रतिशत रिटेल आउटलेट चलाते हैं।

भारत में ईंधन की मांग मई माह में बढ़नी शुरू हुई थी, जब सरकार ने लॉकडाउन में ढील दे दी थी। लेकिन फिर कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकारों ने नए कन्टेनमेंट जोन पिछले हफ्ते ही बनाए हैं और यहां पर लॉकडाउन घोषित किया है।

आंकड़ों की माने तो राज्य कंपनियों की जुलाई माह के पहले 15 दिनों में जून माह के मुकाबले पेट्रोल की बिक्री 6.7 प्रतिशत कम होकर 8,80,000 टन हो गई थी। आपको बता दें कि मौजूदा समय में दिल्ली में डीजल की कीमत पेट्रोल से भी ज्यादा 81.35 रुपये हो गई है।


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