पेटीएम बनी फास्टैग जारी करने वाली सबसे बड़ी कंपनी, बने 30 लाख से अधिक ग्राहक
पेटीएम पेमेंट बैंक ने सोमवार को कहा कि वह फास्टैग जारी करने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। कंपनी ने कहा की वह अब तक 30 लाख से अधिक फास्टैग जारी कर चुकी है।

पेटीएम ने कहा कि यह टोल प्लाजा पर फास्टैग इलेक्ट्रॉनिक टोल को स्वीकार करने की बढ़ती रफ्तार को दिखता है। पेटीएम पेमेंट बैंक के एमडी और सीईओ सतीश गुप्ता ने बयान जारी कर इस बात की जानकारी दी है।

उन्होंने कहा कि हम सरकार के डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने में उनकी मदद कर रहे हैं। हम देश में डिजिटल टोल कलेक्शन और पेमेंट के क्षेत्र में लगातार काम करते रहेंगे।

पेटीएम ने मार्च 2020 तक 50 लाख फास्टैग जारी करने का लक्ष्य रखा है और दिसंबर 2019 तक लगभग 40 प्रतिशत फास्टैग की बिक्री हो गई है।

पेटीएम फास्टैग अपने ग्राहकों को पेटीएम वॉलेट से सीधा टोल भुगतान करने की सुविधा देता है। इसमें उपयोगकर्ताओं को किसी भी तरह का अलग फास्टैग अकाउंट या वॉलेट खुलवाने की जरूरत नहीं पड़ती।

पेटीएम से फास्टैग की फ्री होम डिलीवरी की जा रही है। इसे पेटीएम की वेबसाइट या एप्लीकेशन पर रजिस्ट्रेशन नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस वेरीफाई करा कर लिया जा सकता है।

फास्टैग एक डिजिटल स्टीकर है जिसे गाड़ियों के शीशे पर लगाया जाता है। यह रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी पर काम करती है। जब गाड़िया टोल प्लाजा से गुजरती हैं तब फास्टैग से जुड़े बैंक या प्रीपेड अकाउंट से अपने आप ही टोल टैक्स का भुगतान हो जाता है।

देश भर में 15 जनवरी 2020 से सभी टोल प्लाजा या टोल बुथ पर फास्टैग से टोल भुगतान को अनिवार्य किया जा रहा है। बता दें कि फास्टैग लेन में चल रहे बिना फास्टैग वाले वाहनों से जुर्माने के रूप में दोगुना टोल टैक्स वसूल किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने सभी टोल प्लाजा पर 25 प्रतिशत लेन को को हाइब्रिड लेन के रूप में चिह्नित करने की योजना बनाई है, जिसमे बिना फास्टैग वाले वाहन नकद भुगतान कर सकते हैं।

फास्टैग जारी का काम 22 बैंकों को सौंपा गया है, जहां पॉइंट-ऑफ-सेल के जरिए फास्टैग दिया जा रहा है। आप निर्धारित ट्रांसपोर्ट ऑफिस या टोल प्लाजा पर भी फास्टैग खरीद सकते हैं।


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