New Vehicle Registration: यूपी में अब नए वाहनों पर रख सकेंगे पुराने का रजिस्ट्रेशन नंबर, जानें
उत्तर प्रदेश सरकार ने एक निर्देश जारी किया है जिसमे अब नए वाहनों को पुराने रजिस्ट्रेशन नंबर से पंजीकृत किया जा सकेगा। उत्तर परदेश के सभी जिला परिवहन विभागों को सूचित करते हुए यह निर्देश जारी किया गया है। इस निर्देश के तहत अब नया वाहन खरीदने पर नया रजिस्ट्रेशन नंबर लेना अनिवार्य नहीं होगा।

उत्तर प्रदेश सरकार ने पुराना रजिस्ट्रेशन नंबर नए वाहन पर जारी करने के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं। इसके तहत नए चारपहिया वाहन के लिए पुराने चारपहिया वाहन का नंबर जारी किया जाएगा। इसी तरह नए दोपहिया वाहन पर पुराने दो पहिया वाहन का नंबर जारी किया जाएगा।

चार पहिया वाहन के लिए दोपहिया वाहन या दोपहिया वाहन के लिए चारपहिया वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर जारी नहीं किया जाएगा। चारपहिया वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर जारी करने के लिए 25,000 रुपये और दोपहिया वाहन के लिए 1,000 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है।

रजिस्ट्रेशन नंबर जारी करते समय वाहन के उपयोग को भी देखा जाएगा। पुराने प्राइवेट वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर केवल नए प्राइवेट वाहन के लिए ही जारी किया जाएगा। यही नियम कमर्शियल वाहन की लिए भी लागू किया गया है।

बता दें, हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन पॉलिसी को लागू किया है। प्रस्ताव के अनुसार उत्तर प्रदेश में पहले एक लाख दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत और चारपहिया वाहनों पर 75 प्रतशित रोड टैक्स में छूट दी जाएगी।

केंद्र सरकार की वाहन नीति फेम-1 के तहत इलेक्ट्रिक वाहन, हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए 795 करोड़ रुपये का पैकेज निर्गत किया गया था जबकि फेम-2 नीति के तहत 8,730 करोड़ रुपये का पैकेज निर्गत किया गया है जिसमे शहरों में इलेक्ट्रिक बसों को उतारने की योजना बनाई गई है।

इस नीति के साथ, केंद्र सरकार सार्वजनिक परिवहन, शेयर्ड मोबिलिटी और दोपहिया वाहन जैसे छोटे इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास को प्राथमिकता देने की योजना बनाई है। सरकार द्वारा समर्थित उपक्रम एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने 20,000 इलेक्ट्रिक वाहनों को सरकारी उपयोग के लिए देश भर में तैनात करने के लिए निविदा जारी की है।


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