लॉकडाउन: टोल ऑपरेटरों को हुए नुकसान की भरपाई कर सकती है केंद्र सरकार
केंद्र सरकार सभी टोल ऑपरेटरों को लॉकडाउन के वजह से हुए नुकसान की भरपाई करने पर विचार कर रही है।

केंद्र सरकार ने देश में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए 25 मार्च को देश भर में लॉकडाउन घोषित किया था।

लॉकडाउन के दौरान आपातकालीन सेवाओं को आसान बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल संग्रह को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है जिससे टोल ऑपरेटरों की कमाई बंद हो गई है।

एक रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण टोल ऑपरेटर को लॉकडाउन के दौरान हुए नुकसान की भरपाई करने की योजना बना रही है।

केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल में ही पुष्टि की थी कि सरकार जल्द ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर सेवा दे रहे टोल ऑपरेटरों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए जल्द ही कोई योजना तैयार कर सकती है।

प्रधानमंत्री द्वारा देश में लॉकडाउन की घोषणा के बाद नितिन गडकरी ने आपातकालीन सेवाओं को आसान बनाने और टोल प्लाजा पर समय की बचत करने के लिए टोल संग्रह को अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की थी।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने दिसंबर 2019 में 500 से अधिक टोल प्लाजा पर फास्टैग (Fastag) द्वारा संग्रह योजना को शुरू किया था, जबकि टैग के बिना फास्टैग लेन में प्रवेश करने वाले वाहनों से दोगुना टोल शुल्क लेने का प्रावधान किया गया था।

मल्टीपल पॉइंट ऑफ़ सेल (PoS) स्थानों के माध्यम से लगभग दो करोड़ FASTags जारी किए गए हैं। पिछले महीने प्रतिदिन 40 लाख से अधिक फास्टैग ट्रांजेक्शन किए गए थे।


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