खराब सड़कों के चलते हुआ एक्सीडेंट, तो एनएचएआई होगा जिम्मेदारः मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि अगर खराब सड़कों के चलते हाई-वे पर किसी का एक्सीडेंट होता है तो इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ही जिम्मेदार होगा और ऐसा होने पर उसे पीड़ित को मुआवजा भी देना होगा।

इंडियन एक्सप्रेस की माने तो हाईकोर्ट ने एनएचएआई को निर्देश दिए हैं कि वह जल्द से जल्द ये सुनिश्चित करे कि भारतीय रोड कांग्रेस के आधार पर सड़कों की हालत ठीक है या नहीं, और अगर नहीं है तो उसे दुरुस्त किया जाए।

जस्टिस एम. नारायनन और आर. हेमलता की बेंच ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ये बातें कहीं हैं। इस याचिका में एनएच4 की खराब हालत के बारे में बताया गया है।

इस मामले में एनएचएआई की ओर से सहायक सॉलिसिटर जनरल जी. कार्तिकेयन ने लगातार बढ़ते राजमार्ग के सुधार के लिए किए जा रहे उपायों पर एक अनुपालन रिपोर्ट दायर की है।

जब बेंच ने ठेकेदारों की ओर से होने वाले धीरे काम को लेकर सवाल उठाया, तो कार्तिकेयन ने कहा कि एनएचएआई को राज्य सरकार से बहुत-सी मंजूरी लेनी पड़ती है, जिसके लिए बहुत सी एजेंसियों से संपर्क करना पड़ता है।

जिसके चलते मंजूरी मिलने में काफी समय लग जाता है। इस दौरान जल्द मंजूरी न मिलने के कारण सड़कों की मरम्मत के काम में भी काफी देरी होती है, जिसके लिए एनएचएआई जिम्मेदार नहीं है।

इसके लिए उन्होंने कोर्ट से यह आग्रह किया है कि एक ऐसी एकल खिड़की एजेंसी बनाने के निर्देश दिए जाएं, जहां से सभी मंजूरियां मिल जाएं। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से समय की भी बहुत ज्यादा बचत होगी।

हाईकोर्ट की बेंच ने इस बात को स्वीकार किया कि एनएचएआई को सभी तरह की मंजूरी देने के लिए सरकार को एकल खिड़की एजेंसी की व्यवस्था करनी चाहिए।

लेकिन कोर्ट ने इस बात को भी स्पष्ट किया कि अगर सड़कों की बुरी हालत के चलते कोई एक्सीडेंट होता है, तो एनएचएआई भी उस हादसे के लिए जिम्मेदार होगा और पीड़ित को मुआवजा देगा।


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