हरियाणा में इस वित्तीय वर्ष नहीं खरीद पाएंगे नई कार और जीप, सरकार ने लगाई रोक
हरियाणा सरकार ने गुरुवार को इस बात की घोषणा की है कि इस वित्तीय वर्ष नए वाहनों जैसे कार, जीप और अन्य निजी वाहनों की खरीद पर पूरी तरह के रोक लगाई जाएगी। सरकार ने पब्लिक परिवहन वाहन जैसे बस की खरीद पर छूट दे रखी है।

इसके अलावा आपातकालीन समय में काम आने वाले वाहनों को इस वित्तीय वर्ष खरीदा जा सकता है। सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह फैसला हरियाणा सरकार की कैबिनेट मीटिंग में लिया गया है।

यह कैबिनेट मीटिंग राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई थी। कैबिनेट ने यह फैसला भी किया है कि नई कार या जीप की ज्यादा जरूरत होने पर भी वाहनों की आउटसोर्सिंग या हायरिंग की जानी चाहिए।

आपको बता दें कि देश में चल रहे लॉकडाउन के चलते राज्य के राजस्व में काफी कमी आई है, जिसकी वजह से सभी फायनेंशियल एक्टिविटीज पर बुरा असर डाला है और यह फैसला आने वाले खर्चों में कटौती करने के लिए लिया गया है।

हाल ही हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस बात का दावा किया था कि हरियाणा को 4,600 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा हो रहा है। इस बारे में बुधवार को सीएम खट्टर ने कहा कि "हमें अपने खर्चों पर रोक लगानी होगी और कमाई के नए जरिए ढूढंने होंगे।"

अपने इस बयान को साफ शब्दों में समझाते हुए उन्होंने कहा कि "राज्य में किसी भी तरह की नई भर्तियां अगले एक साल के लिए ‘स्थिर' की जाएंगी।" इस बीच एक अन्य फैसले में कैबिनेट ने फरीदाबाद के छींसा गांव में गोल्ड फील्ड इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च को खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

सरकार द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि हरियाणा डिस्पेंसेशन आने वाले समय में इस कॉलेज को सरकारी मेडिकल कॉलेज के रूप मान्यता देगा, साथ ही आम जनता के लिए पर्याप्त, सुलभ, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।


Click it and Unblock the Notifications