मोटर वाहन एक्ट का दिखने लगा असर, सड़क दुर्घटनाओं में आई कमी
2019 में देश भर में सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 1.49 लाख लोग मारे गए हैं, जो 2018 में मरने वाले लोगों के मुकाबले 1,600 कम हैं। यह आंकड़ा 1 सितंबर से लागू हुए संशोधित मोटर वाहन अधिनियम के प्रभाव को इंगित करता है।

अरुणाचल सिक्किम और मणिपुर के अलावा देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति को 2019 में सड़क हादसों में मरने और घायल होने वालों के आंकड़े जमा किए हैं।

उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 22,655 है, जो देश में सबसे अधिक है। इसके बाद राजस्थान, ओड़िशा, बिहार, छत्तीसगढ़ और असम में सबसे अधिक मौतें हुई हैं।

आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तराखंड में मरने वालों की संख्या में दशक में सबसे अधिक गिरावट देखी गई है।

दिल्ली में 2018 की तुलना में 2019 में 227 मौतें कम हुई हैं। वहीं गुजरात और महाराष्ट्र में 696 मौतें कम हुई हैं जबकि कर्नाटक और उत्तराखंड में 673 और 181 कम मौतें हुई हैं।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा साझा किए गए आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल जनवरी और सितंबर के बीच 2018 में इसी अवधि की तुलना में 300 अधिक लोग मारे गए थे।

हालांकि, पिछले तीन महीनों (अक्टूबर से दिसंबर) के दौरान लगभग 1,900 कम मौतें हुई थीं और पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में 5,000 लोग कम घायल हुए थे, जिसने घातक घटनाओं में वृद्धि की प्रवृत्ति को उलट दिया है।


Click it and Unblock the Notifications