मुंबई की सड़कों पर है दिल्ली से पांच गुना अधिक कारों की भीड़, कम सड़कें बढ़ा रहीं समस्या
मुंबई में कम सड़कें और वाहनों की बढ़ती संख्या से संकट की स्थिति पैदा हो गई है। महाराष्ट्र के आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट (2019-20) में सामने आया है कि मुंबई में एक किलोमीटर पर 1,900 वाहन हैं जबकि पुरे राज्य में वाहन घनत्व सिर्फ 123 वाहन/किमी है।

मुंबई में पिछले एक दशक से सड़क की लंबाई 2000 किमी से अधिक नहीं हुई है इस कारण वाहन घनत्व प्रति किमी 35 प्रतिशत तक बढ़ गया है।

पिछली सर्वेक्षण रिपोर्टों के अनुसार, 2015-16 में मुंबई का वाहन घनत्व 1,410/किमी था, 2016-17 में यह 1,525/किमी था, 2017-18 में 1,675/किमी था, वहीं 2018-19 में यह बढ़कर 1,800/किमी हो गया।

सार्वजनिक परिवहन में आ रही परेशानी
मुंबई में सड़क पर बढ़ते ट्रैफिक का प्रभाव महसूस किया जा सकता है। सार्वजनिक परिवहन में हर दिन व्यवधान देखा जा रहा है। बेस्ट बसें, जो कभी अपनी समय की पाबंदी के लिए जानी जाती थीं, अब अत्यधिक ट्रैफिक के कारण कुशल सेवाएं प्रदान करने में असक्षम हैं।

रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि शहर में वाहनों की संख्या 1 जनवरी 2020 तक 38 लाख तक पहुंच गई है, जिसमें दोपहिया वाहनों में 7 प्रतिशत की उच्चतम वृद्धि दर्ज की गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई में करीब 23 लाख रजिस्टर्ड दोपहिया वाहन हैं। हल्के मोटर वाहन जैसे कार, जीप और टैक्सी की संख्या करीब 12 लाख के ऊपर है, वहीं पुरे राज्य में कुल 55 लाख रजिस्टर्ड वाहन हैं।

कम सड़कें बढ़ा रहीं ट्रैफिक जाम
राजधानी दिल्ली में कारों की संख्या मुंबई के मुकाबले तीन गुना अधिक है, फिर भी यहां प्रति किलोमीटर कार की संख्या सिर्फ 108 है जो मुंबई से पांच गुना कम है। मुंबई में उपलब्ध सड़कों की लंबाई दिल्ली के मुकाबले सिर्फ 7 फीसदी है। मुंबई में 2000 किमी सड़क के मुकाबले दिल्ली में 28,999 किलोमीटर सड़कें हैं।


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