अब मुंबई में कचरे के प्लास्टिक से बनाई जाएंगी सड़कें, सामान्य सड़क से होगी अधिक मजबूत
बृहन मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि सड़कों के निर्माण में लगने वाले मटीरियल में 5-10 प्रतिशत प्लास्टिक का उपयोग किया जाए।

दरअसल, बीएमसी मुंबई में प्लास्टिक की पाबंदी के बाद दुकानों और बाजारों से जमा हुए प्लास्टिक का उपयोग मजबूत और टिकाऊ सड़क बनाने के लिए करना चाहती है। मुंबई में 15 फरवरी से जिन सड़कों का निर्माण होगा उनमे प्लास्टिक का उपयोग किया जाएगा।

बता दें कि चेन्नई में एक अनुसंधान के बाद पाया गया कि प्लास्टिक कचरे का उपयोग करके मजबूत और टिकाऊ सड़क बनाई जा सकती है जिसके बाद केंद्र सरकार ने सड़क निर्माण की इस तकनीक को हरी झंडी दे दी।

इंडियन रोड कांग्रेस (आईआरसी) द्वार तकनीक के सत्यापन के बाद चेन्नई, पुणे, इंदौर और जमशेदपुर जैसे शहरों में प्लास्टिक के कचरे से सड़क निर्माण किया गया और पाया की ये सड़कें बिटुमिन से बनी सड़कों के कहीं अधिक मजबूत और टिकाऊ हैं।

इस तकनीक से प्लास्टिक कचरे का उपयोग करके प्रदूषण कम करने में भी सहायता मिलेगी। बीएमसी सड़कों का टेंडर निकालते समय यह शर्त अनिवार्य करेगी की सड़क बनाने वाली सामग्री में प्लास्टिक का उपयोग किया जाए।

सड़क निर्माण के लिए शहर में जगह-जगह प्लास्टिक रिसाइकलिंग सेंटर खोला जाएगा। सड़कों के मटीरियल में कैरीबैग, स्नैक्स पैकेट, दूध की थैली, डिटर्जेंट और कॉस्मेटिक पैकेट, बोतल-थैलियों आदि वस्तुओं का उपयोग किया जाएगा।

महाराष्ट्र सरकार ने 23 जून, 2018 से प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरे राज्य में पाबंदी लगा दी है। प्लास्टिक इस्तेमाल के खिलाफ बीएमसी ने प्लास्टिक की थैलियों में सामान देने वाले दुकानदरों, बाजारों और शॉपिंग मॉल पर कार्रवाई शुरू है।


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