Mumbai Rickshaws with Isolation Covers: महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा चालक लगवा रहे हैं आइसोलेशन शील्ड
महाराष्ट्र में 8 जून से सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को लॉकडाउन से छूट दी जा रही है। महाराष्ट्र में मुंबई शहर कोरोना वायरस के संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित है। ऐसे में कैब, ऑटो और टैक्सी चालक अपने-अपने तरह से सवधानियां बरत रहे हैं। लॉकडाउन खुलते शहर के ऑटो और कैब चालक सड़कों पर दिखाई देने लगे हैं।

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के शहर के ऑटोरिक्शा चालक ऑटो में प्लास्टिक के शील्ड लगवा रहे हैं। ऑटो रिक्शा के अलावा यह शील्ड कैब और टैक्सी के लिए भी बनाया जा रहा है। इस शील्ड को ड्राइवर केबिन और पीछे की सीटों के बीच में लगाया जाता है।

महाराष्ट्र में निजी वाहन, ऑटो रिक्शा और टैक्सी परिचालन के लिए नियम बनाये गए हैं। टैक्सी में ड्राइवर के साथ 2 यात्रियों को बैठाने की अनुमति दी गई है। थ्री व्हीलर में चालक के अलावा एक सवारी को बैठाने की अनुमति दी गई है। जबकि टू-व्हीलर पर एक की व्यक्ति सवारी कर सकता है।

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में सार्वजनिक परिवहन के परिचालन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किये हैं। जिसमे वाहनों में सोशल डिस्टेंसिंग का अनिवार्य पालन करने का आदेश दिया गया है।

महाराष्ट्र के अलावा तमिलनाडु, केरल, दिल्ली, गुजरात जैसे राज्यों में भी कैब और ऑटो चालक संक्रमण से बचने के लिए वाहनों में शील्ड लगवा रहे हैं। मारुति सुजुकी भी अपने ग्राहकों के लिए सुरक्षा सामग्री बना रही है।

कंपनी कार के लिए ट्रांसपेरेंट शील्ड भी बना रही है। साथ ही फेस शील्ड, फेस मास्क जैसे स्वास्थ्य सामग्री भी बना रही है। एक तजा रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के 82,968 मामले हैं जिसमे 42,609 मामले एक्टिव हैं। राज्य में अब तक 37,390 लोग कोरोना वायरस की चपेट से बहार आ चुके है, जबकि 2,969 लोगों की मौत हो चुकी है।


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