भारत में यह कंपनियां बेच रहीं सिर्फ पेट्रोल कारें, जानें
देश में पिछले साल अप्रैल से बीएस6 उत्सर्जन नियम लागू कर दिए गए हैं। कार कंपनियों ने अपने कई मॉडलों को बीएस6 मानकों के अनुसार अपग्रेड कर लिया है। वहीं, कई मॉडल ऐसे भी हैं जिन्हे अपग्रेड नहीं करने के वजह से बंद कर दिया गया है। इन कारों में अधिकतर डीजल मॉडल शामिल हैं। अब एक बड़ा फैसला लेते हुए भारत में कार कंपनियों ने अपनी डीजल कारों को बंद करने का फैसला लिया है।

दरअसल, मारुति सुजुकी, स्कोडा, निसान, रेनॉल्ट और फॉक्सवैगन ने अपनी डीजल कारों को बंद करने की घोषणा की है। कंपनियों का कहना है कि डीजल कारों को बीएस6 में अपग्रेड करना काफी खर्चीला है जिस वजह से बाजार में इनकी कीमत बढ़ सकती है और इससे बिक्री में गिरावट आएगी।

इन कंपनियों का कहना है कि अब वे सिर्फ पेट्रोल कारों का ही निर्माण करेंगी। हालांकि, कंपनियों ने कहा है कि जिन मॉडलों को बीएस6 डीजल में अपग्रेड कर लिया गया है उनका उत्पादन और बिक्री जारी रखा जाएगा, लेकिन भविष्य में नई कारों को डीजल इंजन में लॉन्च नहीं किया जाएगा।

मारुति सुजुकी लगभग अपने आधा दर्जन कारों में डीजल इंजन का इस्तेमाल करती है। इनमे स्विफ्ट, डिजायर, इग्निस, बलेनो, अर्टिगा, सियाज, एस-क्रॉस और विटारा ब्रेजा शामिल हैं। मारुति सियाज और अर्टिगा को 2019 में 1.5-लीटर डीजल इंजन में भी लाया गया था।

मारुति एस-क्रॉस और विटारा ब्रेजा को भी 1.5 लीटर डीजल इंजन में उतारा गया था। यही इंजन सियाज, एक्सएल6 और अर्टिगा में भी दिया गया है। जबकि अन्य कारें 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन के विकल्प में भी उपलब्ध की गई हैं।

मारुति के लाइनअप में केवल पेट्रोल इंजन वाली करें भी मौजूद हैं। भारत में मारुति आल्टो, वैगनआर, सलेरियो, एस-प्रेसो और ईको को केवल पेट्रोल इंजन में उपलब्ध किया गया है। कुछ मॉडलों में सीएनजी का भी विकल्प मिलता है।

स्कोडा और फॉक्सवैगन भारत में पहले केवल डीजल कारें की उपलब्ध कराती थी। लेकिन बीएस6 उत्सर्जन नियम लागू होने के बाद कंपनी ने पेट्रोल कारों का उत्पादन भी शुरू कर दिया है। स्कोडा के पेट्रोल लाइनअप में रैपिड, करोक और सुपर्ब जैसी कारें शामिल हैं। वहीं, फॉक्सवैगन की पेट्रोल कारों में पोलो, वेंटो, टी-रोक और टिगुआन आलस्पेस जैसी कारें शामिल हैं।


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