महाराष्ट्र: सरकारी बसों में लगाए जाएंगे पैनिक बटन और ट्रैकिंग डिवाइस
महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी बसों और प्राइवेट टैक्सी में पैनिक बटन और ट्रैकिंग डिवाइस लगवाने को अनिवार्य कर दिया है। इस योजना के तहत सभी पुराने सरकारी बस, प्राइवेट टैक्सी और कमर्शियल यात्री वाहनों में पैनिक बटन और ट्रैकिंग डिवाइस लगाए जाएंगे।

हालांकि, केंद्र सरकार ने इस योजना की घोषणा 2019 के शुरुआत में ही कर दी गई थी लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने इसे पूरा करने की समय सीमा को दिसंबर 2020 तक बढ़ा दिया है।

नए वाहनों के लिए यह नियम जनवरी 2019 से ही लागू कर दिया है जबकि पुराने वाहनों को ट्रैकिंग डिवाइस लगवाने के लिए एक साल की मोहलत दी गई है।

राज्य सरकार ने सभी आरटीओ को निर्देश दिया है कि पुराने वाहनों की फिटनेस जांच करते समय उन्हें ट्रैकिंग डिवाइस लगवाने की लिए बाध्य नहीं किया जाए।

क्या है पैनिक बटन और ट्रैकिंग डिवाइस
पैनिक बटन बस के अंदर लगाया जाता है। बस में यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी होने पर या फिर किसी किसी आपातकाल में पैनिक बटन को दबाने से नजदीकी पुलिस कंट्रोल रूम में एक नोटफिकेशन पहुंच जाता है।

पुलिस बस में लगे ट्रैकिंग डिवाइस से संपर्क कर के जीपीएस की मदद से उस बस तक पहुंच कर जरूरी सहायता पहुंचा सकती है। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए आधारभूत संरचना को विकसित किया जाएगा।

इस संरचना में विशेष पुलिस कंट्रोल रूम के साथ क्विक एक्शन टीम गठित की जाएगी, जो जरूरत पड़ने पर यात्रियों को तुरंत मदद पहुंचाएगी।

बस और टैक्सी में पैनिक बटन की व्यवस्था विशेषकर महिलाओं के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। देश में बढ़ते दुष्कर्म की घटनाओं को रोकने के लिए यह तकनीक कारगर साबित हो सकती है। इस तकनीक से पुलिस को घटना की जगह तक तुरंत पहुँचने में मदद मिलेगी।


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