Maharashtra Puts All Chinese Projects On-Hold: महाराष्ट्र ने नई चीनी कार कंपनी का प्रोजेक्ट रोका
देश भर में चीन को लेकर गुस्सा देखा जा रहा है, जिस वजह से चीनी सामानों का भी बहिष्कार किया जा रहा है। ऐसे में महाराष्ट्र सरकार ने तीन चीनी प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी है तथा इन्हें ठंडे बस्ते में डाल दिया है, करीब 5,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट रोके गए है।

इन तीन में से एक प्रोजेक्ट ग्रेट वाल मोटर्स का है जो कि महाराष्ट्र के पुणे के पास तालेगांव में अपना प्रोडक्शन प्लांट लगा रही है। यह चीनी कार निर्माता कंपनी लंबे समय से भारतीय बाजार में प्रवेश करने की योजना बना रही थी, इसके लिए प्लांट लगाया जा रहा है।

इस महीने के शुरुआत में ग्रेट वाल मोटर्स ने महाराष्ट्र सरकार से राज्य में 1 बिलियन डॉलर निवेश करने के एमओयू पर हस्ताक्षर किया था। कंपनी की योजना के अनुसार वें तालेगांव स्थित प्लांट में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने वाली है, यह प्लांट जनरल मोटर्स से लिया गया है।

कंपनी इस प्लांट में एसयूवी व इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली है। यह प्लांट एक बहुत ही ऑटोमेटेड प्लांट होने वाला है जिसमें कई प्रोडक्शन प्रोसेस में कई आधुनिक रोबोट तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि अब इसके भविष्य पे थोड़ा खतरा मंडरा रहा है।

इसके साथ ही यह चीनी कार कंपनी बैंगलोर में एक आरएंडडी सेंटर लगाने की योजना में है। अपने प्रवेश के साथ कंपनी करीब 3000 लोगों को काम देने वाली है। ग्रेट वाल मोटर्स ने ऑटो एक्सपो 2020 में हवल ब्रांड की कारों को पेश किया था।

इसके साथ ही सरकार ने पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी (चीन की फोटोन से साझेदारी) तथा हेन्गली इंजीयरिंग के प्रोजेक्ट को रोक दिया है। दोनों कंपनियां भारत में क्रमशः 1000 करोड़ रुपये तथा 250 करोड़ रुपये निवेश करने वाली है।

इस पर महाराष्ट्र सरकार के इंडस्ट्री मंत्री, सुभाष देसाई ने कहा कि "यह निर्णय केंद्र सरकार से सलाह के बाद लिया गया है। यह पहले साइन किये गये थे। विदेश मंत्रालय ने चीनी कंपनियों से आगे से कोई भी अग्रीमेंट साइन नहीं करने की सलाह दी है।"

देश भर में चीनी कंपनियों तथा चीन की चीजों का बहिष्कार किया जा रहा है, ऐसे में सरकार ने भी चीनी कंपनियों से दूरी बना ली है। हालांकि इस नए चीनी कार कंपनी के प्रोजेक्ट पर कब तक रोक लगा रहता है, यह देखनें वाली बात होगी।


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