MoCA Proposes Uses Of Drone In Agriculture: उड्डयन मंत्रालय ने ड्रोन की मदद से खेती पर दिया जोर
केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उद्योग को कृषि समुदाय की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विशेष उद्देश्य और कम लागत वाले ड्रोन का विकास करना चाहिए। फिक्की द्वारा आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के संयुक्त सचिव अंबर दुबे ने कहा कि देश में लगभग 1 लाख गांव हैं जो ड्रोन से लाभान्वित हो सकते हैं।

उन्होंने बताया कि हमे विशेष उद्देश्य वाले ड्रोन डिजाइन चाहिए और कंपनियों को उनके लिए कम लागत वाले ड्रोन विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। संयुक्त सचिव ने कहा कि कृषि केंद्रित ड्रोन के विकास के लिए स्टार्टअप कंपनियों को आगे आना चाहिए।

कृषि क्षेत्र में ड्रोन के उपयोग के संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए, दुबे ने केंद्रीय या राज्य स्तर के कृषि विश्वविद्यालयों या संस्थानों के साथ टाई-अप पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र को उन्नत और लाभदायक बनाए के लिए कम कीमत वाले कुशल ड्रोन आवश्यकता है।

इस मुद्दे पर बात करते हुए, कृषि मंत्रालय के एक और अधिकारी ने कहा कि ड्रोन तकनीक खेतों की मिट्टी के विश्लेषण में बहुत उपयोगी हो सकती है। इससे हमें बेहतर सिंचाई प्रबंधन और नाइट्रोजन के स्तर को सही बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।

वेबिनार में मौजूद कृषि आयुक्त एस के मल्होत्रा ने कहा कि ड्रोन पर्यावरण और किसानों के लिए सुरक्षुत है। इसके अलावा ड्रोन की मदद से कीटनाशक का छिड़काव, उत्पादकता को बढ़ाने, कम पानी की खपत, उच्च दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि एक सुसंगत ड्रोन पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में एक मजबूत और व्यावहारिक विज्ञान-आधारित नीति ढांचे के माध्यम से इस तकनीक को अन्य फसलों और अनुप्रयोग के क्षेत्रों में विस्तारित करने का अवसर है।

कॉर्पलाइफ इंडिया के सीईओ ने सरकार द्वारा टिड्डियों के नियंत्रण के लिए ड्रोन के उपयोग की हालिया अनुमति पर कहा कि भारत दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है जिसके पास ड्रोन के लिए व्यापक रेंज हैं जो रात में भी उड़ान भर सकते हैं।


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