भारत से किया सेल्टॉस का 44 देशों में निर्यात शुरू, दिसंबर में भेजी गई 6441 यूनिट
किया सेल्टॉस कंपनी के लिए एक बड़ी सफलता साबित हुई है। कंपनी ने लॉन्च के बाद सिर्फ पांच माह में ही सेल्टॉस के 45,000 यूनिट बेच दिए है। अब कंपनी ने इस कार का निर्यात विदेशों में करना शुरू कर दिया है।

कंपनी ने भारत में बनी किया सेल्टॉस को 44 देशों में निर्यात करना शुरू कर दिया है। दिसंबर 2019 में कंपनी ने 6441 यूनिट ओवरसीज मार्केट में निर्यात किये है। वहीं भारत में ही किया सेल्टॉस की एडवांस बुकिंग 1 लाख से ऊपर पहुंच गई है।

कोरियन कार निर्माता कंपनी किया सेल्टॉस की 4500 यूनिट हर माह बेच रही है। सिर्फ नवंबर 2019 में किया सेल्टॉस की 14,005 यूनिट बेची गई थी। हालांकि नवंबर से दिसंबर माह की तुलना करें तो सेल्टॉस की बिक्री में 66% की कमी आई है।

लेकिन इस गिरावट की वजह सेल्टॉस के निर्यात को माना जा रहा है। कंपनी ने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि सेल्टॉस को किन विदेशी बाजारों के लिए निर्यात किया गया है।

इसके अलावा कंपनी किया सेल्टॉस की भारत और विदेशों में बढ़ती मांग को देखते हुए अपनी उत्पादन यूनिट को बढ़ाने की तैयारी कर रही है, जिससे भारत सहित विदेशों में किया सेल्टॉस की मांग को पूरा किया जा सके।

आपको बता दें कि किया सेल्टॉस को अगस्त 2019 में लॉन्च किया गया था और तभी से कंपनी इस एसयूवी की मांग को पूरा करने का प्रयास कर रही है। कंपनी वर्तमान समय में भी ग्राहकों को सेल्टॉस की बुकिंग पर वैरिएंट के हिसाब से करीब 3 माह का वेटिंग पीरियड दे रही है।

किया सेल्टोस में कई नए फीचर और उपकरण दिए गए है। इसमें 10.25 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस चार्जिंग, पुश स्टार्ट/स्टॉप बटन, वेन्टीलेटेड सीट के साथ इलेक्ट्रॉनिक एडजस्टिबल सीट जैसे फीचर्स दिए गए है।

किया सेल्टॉस 3 इंजन विकल्प के साथ आती है और इन सभी में 6 स्पीड मैन्युअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स दिए गए है। इसमें 3 पेट्रोल और 1 डीजल इंजन विकल्प दिया गया है। सभी इंजन बीएस6 उत्सर्जन मानकों का अनुसरण करते हैं।

यह कार 1.5 लीटर पेट्रोल, 1.4 लीटर टर्बो पेट्रोल और 1.5 लीटर डीजल इंजन विकल्प में उपलब्ध है। इसका 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन 115 बीएचपी पॉवर और 250 न्यूटन मीटर टॉर्क उत्पन्न करता है जबकि 1.5 लीटर डीजल इंजन 115 बीएचपी पॉवर और 350 न्यूटन मीटर टॉर्क प्रदान करता है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
किया सेल्टॉस की लॉन्च के बाद से ही कंपनी इस एसयूवी की मांग को भारत में पूरा नहीं कर पा रही है और अब इसे विदेशों में निर्यात कर रही है। इसकी वजह से भारतीय बाजार में ग्राहकों को इस एसयूवी को खरीदने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। अब देखना ये है कि विदेशों में इस कार को कैसी प्रतिक्रिया मिलती है।


Click it and Unblock the Notifications