नई बीएस6 मर्सिडीज-बेंज जीएलई को केरल आरटीओ ने बीएस6 वाहन मानने से किया इनकार
देश में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लॉकडाउन को 17 मई तक बढ़ा दिया गया है। इस लॉकडाउन के चलते ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री बुरी तरह से प्रभावित हुई है। आपको बता दें कि 1 अप्रैल 2020 में भारत में बीएस6 उत्सर्जन मानकों को लागू कर दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अब सिर्फ बीएस6 वाहनों का ही रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। भारतीय बाजार में इस वक्त कई बीएस6 वाहन मौजूद हैं, लेकिन ऐसा लग रहा है कि इस मानकों को लेकर केरल के आरटीओ दफ्तर में अभी भी दुविधा बनी हुई है।

पायलट ऑन व्हील की माने तो कार रजिस्ट्रेशन को लेकर ऐसा ही एक मामला केरल में सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने नई मर्सिडीज-बेंज जीएलई को खरीदा है, लेकिन अपनी कार को रजिस्टर नहीं करा पा रहा है। मर्सिडीज-बेंज जीएलई एक मिड-साइज लग्जरी एसयूवी है।

इस कार को मर्सिडीज-बेंज ने जनवरी 2020 में लॉन्च किया था और यह पेट्रोल व डीजल दो इंजन विकल्पों के साथ मौजूद है। दोनों ही इंजन विकल्पों को कंपनी ने बीएस6 उत्सर्जन मानकों के साथ पेश कर दिया है।
जानकारी के अनुसार इस व्यक्ति ने नई मर्सिडीज-बेंज जीएलई को कुछ समय पहले ही खरीदा है और इस कार को केरल के कोठामंगलम आरटीओ में रजिस्टर होना था। लेकिन रजिस्ट्रेशन के वक्त आरटीओ ने रजिस्ट्रेशन करने से मना कर दिया था।

आरटीओ का कहना है कि इस कार को बीएस6 वाहन के तौर पर रजिस्टर नहीं किया जा सकता है। वाहन का अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया है और कार मालिक इसे एक अस्थाई रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ इस्तेमाल कर रहा है।

केरल के आरटीओ ऑफिस का कहना है कि इस कार की पहचान बीएस6 वाहन के तौर पर नहीं हो पाई है। वाहन मालिक ने अपनी कार के लिए निर्माता से फॉर्म 20 हासिल कर लिया है, जिसमें लिखा है कि कार बीएस4 व बीएस6 मानकों पर आधारित है। इसके बाद भी आरटीओ ने इसे बीएस6 वाहन मानने से इनकार कर दिया है।


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