Ineos Grenadier: इनिऑस ग्रेनेडियर में हो सकती है हुंडई की हाइड्रोजन फ्यूल सेल इस्तेमाल
इन दिनों कुछ वाहन निर्माता कंपनियां साफ और शक्तिशाली ईंधन प्रणाली हाइड्रोडन फ्यूल सेल पर काम कर रही हैं। इसी कड़ी में ब्रिटिश कैमिकल कंपनी इनिऑस ने भी हुंडई के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत दोनों कंपनियां हाइड्रोजन फ्यूल सेल पर एक साथ काम करने वाली हैं।

माना जा रहा है कि इस हाइड्रोजन फ्यूल सेल का इस्तेमाल सबसे पहले इनिऑस की ऑफ-रोड वाहनों में किया जाएगा। इस सौदे के साथ यह भी माना जा रहा है कि इनिऑस कार उद्योग में प्रवेश करने वाली है और कंपनी की पहली कार 'ग्रेनेडियर' हो सकती है।

माना जा रहा है कि इस सौदे के चलते कोरियन कार निर्माता कंपनी हुंडई अपनी हाइड्रोजन फ्यूल सेल कारों के लिए हाइड्रोजन फ्यूल सेल इनिऑस से खरीदेगी और बदले में इनिऑस हुंडई की फ्यूल सेल तकनीक खरीद सकता है जो इनिऑस को हाइड्रोजन संचालित कारों का उत्पादन करने में मदद करेगी।

दोनों कंपनियां मिलकर यूरोप में हाइड्रोजन की एक विश्वसनीय आपूर्ति विकसित करने पर काम करेंगी। इनिऑस की ग्रेनेडियर की बात करें तो इस ऑफ-रोड एसयूवी को साल 2022 की शुरुआत में पहली बार आईसीई वाहन के तौर पर बाजार में पेश किया जाएगा।

हालांकि इनिऑस इस ऑफ-रोड कार के एक क्लीनर संस्करण का उत्पादन करने की योजना बना रही है, जो जीरो कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन करेगा और दुनिया भर में बनाए जा रहे है कड़े पर्यावरण मानकों को आसानी से पूरा करेगी।

ब्रिटिश कंपनी ने इलेक्ट्रिक पॉवरट्रेन कार का उत्पादन न करने का फैसला इसलिए लिया है क्योंकि कंपनी का मानना है कि बैटरी से चलते वाली इलेक्ट्रिक पावर कार बिजली की उतार-चढ़ाव वाले बीहड़ क्षेत्रों में उतना बेहतर तरीके से काम नहीं करेगी।

आपको बता दें कि इनिऑस के के संस्थापक और ब्रिटेन के सबसे अमीर लोगों में से एक सर जिम रैटक्लिफ के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने ग्रेनेडियर को विकसित करने में लाखों का निवेश किया है। अब देखना यह है कि हाइड्रोजन फ्यूल सेल वाली यह कार कब सड़कों पर उतरती है।


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