ESC To Be Mandatory For Buses: बसों के लिए इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल हो सकता है अनिवार्य
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ट्रांसपोर्टेशन वाहनों के लिए उत्सर्जन और सुरक्षा उपायों के अंतरराष्ट्रीय मानकों को लागू करने की योजना बनाई है। सरकार इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ईएससी) और ब्रेक असिस्ट सिस्टम फीचर्स को बसों के लिए अनिवार्य कर सकती है।

बसों के लिए इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल से संबंधित अधिसूचना पिछले साल जारी की गई थी। माना जा रहा है कि इस नियम को अप्रैल 2023 तक पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा। इसके अलावा सरकार टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम के लिए भी काम कर रही है।

जानकारी के अनुसार अक्टूबर 2020 तक सरकार कुछ श्रेणियों के वाहनों के लिए टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (टीपीएमएस) को भी अनिवार्य बना सकती है। वाहनों के आकार, निर्माण उपकरण वाहनों की सुरक्षा, साइड स्टैंड, 2-पहिया वाहनों के लिए फुट रेस्ट जैसे मानकों के लिए अधिसूचना जारी की गई है।

आपको बता दें कि भारत सरकार ने कुछ श्रेणी के वाहनों के लिए पहले से ही कुछ सुरक्षा मानकों को अनिवार्य किया है। इन सुरक्षा प्रणालियों में एबीएस, ईबीडी, एयरबैग, स्पीड अलर्ट सिस्टम, नए क्रैश मानकों के साथ रिवर्स पार्किंग सहायता शामिल हैं।

आपको बता दें कि हाल ही में जानकारी सामने आई थी कि घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बाहर आयात की जाने वाली कारों पर चरणबद्ध तरीके से ऑटो इम्पोर्ट शुल्क को बढ़ा सकती है। सरकार ने आगामी 5 सालों में आयात को आधा करने का लक्ष्य रखा है।

जानकारी के अनुसार देश का ऑटो सेक्टर सालाना 13.7 बिलियन डॉलर यानी करीब 10,03,47,29,40,000 रुपये के उपकरणों और कार किटों का आयात करता है। महिंद्रा एंड महिंद्रा के मैनेजिंग डायरेक्टर पवर गोयनका ने भी यही बात उसी कार्यक्रम में कही थी।

इसके अलावा हाल ही में ऑटो इंडस्ट्री को कोरोना काल में राहत देने के लिए भारत सरकार द्वारा वाहनों पर लगने वाली जीएसटी दर को कम करने की भी बात सामने आई थी। भारी उद्योग मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने हाल ही में कहा कि सरकार ऑटो इंडस्ट्री के सभी तरह के वाहनों पर 10 प्रतिशत जीएसटी घटाने की मांग पर विचार कर रही है।


Click it and Unblock the Notifications