ऑटोमोबाइल कंपनियों ने सरकार से लगाई मदद की गुहार, जीएसटी, बिजली बिल में की कटौती की मांग
कोरोना वायरस के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था कठिन दौर से गुजर रही है। लॉकडाउन के कारण वाहन व्यापार ठप पड़ गया है जिससे वाहन कंपनियों की बीएस4 गाड़ियां नहीं बिक रही हैं।

एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में वाहन कंपनियों के पास 10,000 करोड़ रुपये के बीएस4 वाहनों का स्टॉक बचा है। बता दें, 1 अप्रैल से देशभर में बीएस6 उत्सर्जन मानक लागू हो गए हैं जिसके बाद अब देश में बीएस4 वाहनों का उत्पादन और बिक्री गैर कानूनी हो गया है।

लॉकडाउन के वजह कंपनियों के प्लांट में प्रोडक्शन बंद है, डीलरशिप बंद हो चुके हैं। नए और पुराने वाहनों की बिक्री पूरी तरह बंद पड़ चुकी है। हालांकि, लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी वाहन कंपनियों के लिए हालात चुनौतीपूर्ण होंगे जिससे उबरने के लिए वाहन कंपनियों ने केंद्र सरकार से मदद मांगी है।

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैनुफक्चरर्स (SIAM) और फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स (FADA) जैसे बड़े ऑटोमोबाइल डीलर्स संघों ने सरकार से ऑटोमोबाइल पॉलिसी में बदलाव और राहत योजनाओं की मांग की है।

सीएनबीसी टीवी18 की एक रिपोर्ट के अनुसार कंपनियों ने ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स पर जीएसटी (GST) दर 10 प्रतिशत तक कम करने की मांग की है। इसके साथ ही कंपनियों ने बैंकों से जून तक अपने कर्मचारियों की सैलरी भुगतान करने का अनुरोध किया है।

कंपनियों ने बिल्डिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और कमर्शियल प्रॉपर्टी पर लगने वाले टैक्स और बिजली बिल में भी 2 महीने के लिए छूट की मांग की है। ऑटोमोबाइल कंपनियों का मनना है कि अगर सरकार इन उपायों को लागू करती है तो वाहन कंपनियों को लॉकडाउन के प्रभाव से उबरने में मदद मिलेगी।


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