IIT Roorkee Develops New Technology: आईआईटी रुड़की ने खोजा धुंध में सेफ ड्राइविंग की तकनीक, जानें
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की के शोधकर्ताओं ने धुंध और कोहरे में आसानी से ड्राइविंग करने और दुर्घटनाओं से बचने के लिए एक प्रणाली विकसित करने का दावा किया है। संस्थान ने एक प्रेस विज्ञप्ति ने कहा है कि शोधकर्ताओं की एक टीम ने कम दृश्यता की स्थिति में बेहतर ड्राइविंग अनुभव को सक्षम करने के लिए एक एल्गोरिदम विकसित किया है।

इस शोध को संसथान के जर्नल में प्रकाशित किया गया है जिसमे आधुनिक इंटेलीजेंट यातायात व्यवस्था के बारे में बताया गया है। इस शोध में धुंध से भरे सड़कों की रियल टाइम इमेज को साफ कर चालक को साफ तस्वीर उपलब्ध कराई जाती है।

यह तकनीक तस्वीरों को फ्रेम दर फ्रेम साफ करती है जिससे अंत में विजिबिलिटी बिल्कुल ठीक हो जाती है। इस तकनीक के इस्तेमाल से हर साल हाईवे रेल मार्गों पर धुंध से होने वाली घटनाओं पर रोक लग सकती है।

बता दें कि हाल ही में आईआईटी मद्रास के शोधकर्ताओं की टीम ने एक ऐसे मिश्रित धातु की खोज की है जो ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में स्टील और एल्युमीनियम पर निर्भरता को खत्म कर सकता है।

शोधकर्ताओं की टीम ने नार्थ टेक्सस यूनिवर्सिटी और संयुक्त राष्ट्र आर्मी रिसर्च लैब्रटरी की मदद से मैग्नीशियम अलॉय का निर्माण किया है जो मजबूती में स्टील और एल्युमीनियम से कहीं बेहतर है।

यह अलॉय स्टील के वजन का एक चौथाई और एल्युमीनियम के वजन का दो तिहाई है। वजन में कम होने के बाद भी यह अलॉय स्टील और एल्युमीनियम से मजबूत है।

शोधकर्ताओं का दावा है कि यह अलॉय वाहनों के वजन को कम करने में करगे साबित होगा। उन्होंने बताया कि वाहन का वजन कम होने से कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। वर्त्तमान में 27 प्रतिशत कार्बन उत्सर्जन मोटर वाहनों से होता है।


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