IIT Delhi Convert Vintage Beetle Into EV: आईआईटी दिल्ली ने विंटेज बीटल कार को ईवी में किया तब्दील
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) दिल्ली में एक एकेडमिक थिंक एंड रिसर्च सेंटर है, जिसका नाम दि सेंटर ऑफ एक्सिलेंस फॉर रिसर्च ऑन क्लीन एयर (सीईआरसीए) है। इस विभाग ने मंगलवार को एक पुराने 1948 बीटल मॉडल को इलेक्ट्रिक कार में बदला है।

विभाग का कहना है कि इस इलेक्ट्रिक बीटल कार की रेट्रोफिटिंग के साथ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए हमारी पहली पहल है। आपको बता दें कि इस कार्यक्रम में हेरिटेज मोटरिंग क्लब ऑफ इंडिया के कई सदस्यों ने भी भाग लिया था।

इस लॉन्च कार्यक्रम के दौरान आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. वी. रामगोपाल राव ने कहा कि "ऑटोमोबाइल उद्योग में ई-मोबिलिटी का मूलमंत्र रहा है और ई-मोबिलिटी को अपनाने की जरूरत ही नहीं है बल्कि ग्रह की सुरक्षा के लिए दबाव भी है।"

आगे उन्होंने कहा कि "भारत में कुछ सालों में शुरू हुए स्टार्टअप्स ने इस क्षेत्र में विशेष रूप से क्रांति लाई है। यह स्टार्टअप्स इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए बैटरी तकनीक, वाहन डायग्नोस्टिक्स, विश्लेषण और चार्जिंग के लिए विशेष काम कर रहे हैं।"

सीईआरसीए के संस्थापक और आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र अरुण दुग्गल ने कहा कि "इलेक्ट्रिक बीटल एक प्रतीकात्मक कार्रवाई है जो यह दर्शाती है कि दिल्ली और एनसीआर में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का उपयोग करके वायु प्रदूषण को समाप्त किया जा सकता है।"

आगे उन्होंने कहा कि "आज वायु प्रदूषण की समस्या से बचने के लिए सबसे कारगर तरीका इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का इस्तेमाल है, जिसे 100 प्रतिशत उत्सर्जन-मुक्त माना जाता है क्योंकि वे पर्यावरण में कोई भी विषैली गैस नहीं छोड़ते हैं।"

बता दें कि कुछ समय पहले ही जानकारी सामने आई थी कि दिल्ली में नई इलेक्ट्रिक वाहन पालिसी आने के बाद से अब तक 3000 वाहन रजिस्टर हो चुके है। इस नीति को प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए लाया गया है तथा इसे लोगों से अच्छी प्रतिक्रिया भी मिल रही है।


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