हुंडई ने पूरा किया 30 लाख कारों का निर्यात, हर 33 सेकंड में बनाती है एक कार
हुंडई मोटर्स इंडिया ने देश में स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से 30 लाख वाहनों के निर्यात का आंकड़ा पार कर लिया है। इस उपलब्धि के बाद हुंडई 30 लाख वाहनों का निर्यात करने वाली देश की पहली कार निर्माता बन गई है।

इस सूचि में अंतिम यूनिट की कार हुंडई औरा थी जिसे कोलंबिया के लिए भेजा गया है। इस कार को कंपनी के श्रीपेरंबदुर स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से भेजा गया है।

हुंडई ने 1999 में सैंट्रो के 20 यूनिट को नेपाल के लिए रवाना कर देश से कार के निर्यात की शुरुआत की थी और 2004 तक कंपनी 1 लाख वाहनों को निर्यात कर चुकी थी।

मार्च 2008 तक 5 लाख वाहनों का निर्यात कर लिया गया था। वहीं कंपनी ने 2010 में 10 लाख और 2014 में 20 लाख यूनिट वाहनों के निर्यात का आंकड़ा पार कर लिया था।

हुंडई के निर्माण की गति का अंदाजा सिर्फ इसी से लगाया जा सकता है कि कंपनी सिर्फ 33 सकेंड में एक कार को असेंबल कर लेती है।

इस तेज निर्माण क्षमता के कारण ही कंपनी घरेलु और वैश्विक बाजार के लिए सही समय पर वाहनों को उपलब्ध कर पाती है।

मौजूदा समय में कंपनी अपने 10 मॉडलों का 88 देशों में निर्यात करती है। इसमें एशिया, लातिन अमेरिका, अफ्रीका और यूरोप के कई देश शामिल हैं।

कंपनी सैंट्रो, ग्रैंड आई10, एक्सेंट, ग्रैंड आई10 नियोस, औरा, आई20, वरना, वेन्यू और क्रेटा जैसे मॉडलों का निर्यात करती है। क्रेटा और वरना की सऊदी अरब के कार बाजार में मजबूत पकड़ है।

इन दोनों कारों का कुल बाजार अनुपात 40 और 33 प्रतिशत है। लीबिया में 80 प्रतिशत बाजार पर हुंडई की कारों का कब्जा है और इसके साथ ही हुंडई अफ्रीका की सबसे बड़ी कार ब्रांड भी है।


Click it and Unblock the Notifications








