Software To Decide Bus Fare: सॉफ्टवेयर बताएगा तेल की कीमत के अनुसार बस का किराया, जानें
हिमाचल प्रदेश एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार कर रही है जो डीजल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के हिसाब से बस का किराया तय करेगी। राज्य परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर अनुसार कंपनी को सॉफ्टवेयर तैयार करने का निर्देश दे दिया गया है। सॉफ्टवेयर के तैयार होने के बाद इसे जल्द से जल्द काम में लाया जाएगा।

बता दें कि हाल ही में हिमाचल प्रदेश सरकार ने बस किराये में 25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की है। परिवहन मंत्री ने बताया कि ट्रांसपोर्ट विभाग की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए किराये में बढ़ोत्तरी करना जरूरी था। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग की स्थिति खस्ता हाल थी जिसमे अब सुधार किया रहा है।

उन्होंने बताया कि 2012-17 के बीच बस खरीदने के लिए 275 करोड़ रुपये आवंटित किये गए थे। किराये की बढ़ोत्तरी में उन्होंने कहा कि सरकार और जनता को इसमें मिलकर सहयोग करना होगा। मार्च और अप्रैल में लॉकडाउन के कारण परिवहन विभाग को 166 करोड़ रुपये का नुक्सान हुआ है।

राज्य सरकार ने सोमवार को सभी सरकारी बसों के किराये को बढ़ाने का प्रस्ताव लाया है। राज्य में आम लोगों के साथ कई संगठनों ने किराये में बढ़ोत्तरी का विरोध किया है।

सरकार ने पहले 3 किलोमीटर के लिए बस का किराया 5 रुपये से बढ़ाकर 7 रुपये कर दिया है। सरकार ने दलील दी है कि कोरोना महामारी के समय में परिवहन विभाग को चलाने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

विभाग की आमदनी आधे से भी कम रह गई है, ऐसे में कर्मचारियों और बस चालकों के वेतन और परिवहन का खर्च उठाने के लिए किराये में बढ़ोत्तरी को छोड़कर और कोई समाधान नहीं है।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर पश्चिम बंगाल, पंजाब, दिल्ली और हरियाणा में बस और ट्रक चालक संघ इसका विरोध कर रहे हैं। बता दें कि पिछले 30 दिनों में कई बार डीजल और पेट्रोल की कीमत में इजाफा किया गया है। कोरोना काल में तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी से चालक संघ खासा नाराज हैं।


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