Government To Set Up LNG Stations: अगले 3 सालों में बनाए जाएंगे 1,000 से अधिक एलएनजी स्टेशन
भारत सरकार अगले 3 सालों में लिक्विड नेचुरल गैस के स्टेशनों के लिए 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मीडिया को संबोधित करते हुए यह घोषणा की है। लिक्विड नेचुरल गैस लिक्विड पेट्रोलियम गैस की तुलना में अधिक ऊर्जा प्रदान करती है और इससे वाहनों को अधिक माइलेज भी मिलती है। इसके साथ ही यह डीजल के मुकाबले 30-40 प्रतिशत कम उत्सर्जन भी करती है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि लिक्विड नेचुरल गैस (एलएनजी) डीजल की तुलना में 40 प्रतिशत किफायती है। और एक बार भरने के बाद 500-600 किलोमीटर तक चल सकती है। आमतौर पर सीएनजी और एलपीजी गैस से कारों और ऑटो-टैक्सी को चलाया जाता है, लेकिन एलएनजी से भरी वाहनों जैसे ट्रक, बस, कंस्ट्रक्शन मशीनरी और रेल इंजन को भी चलाया जा सकता है।

धर्मेंद्र प्रधान ने एलएनजी के फायदे बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार देश में चरणों में एलएनजी स्टेशनों का निर्माण कर रही है। इसमें पहले चरण में 50 स्टेशन स्थापित किये जाएंगे।

उन्होंने आगे बताया कि अगले 3 सालों में 1,000 स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा जिसे किये 10,000 करोड़ रुपये के बजट को अनुमति दी गई है। इन स्टेशनों को प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर के अंतर्गत बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वाहनों के फ्यूल के तौर पर एलएनजी ऑटोमोबाइल क्षेत्र में क्रांति ला सकते हैं। एलएनजी को आसानी से पेट्रोल और डीजल के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

उन्होंने कहा, "देश में 1 करोड़ से अधिक ट्रक चल रहे हैं। अगर हम इनमे से 10 लाख ट्रकों में एलएनजी का इस्तेमाल करते हैं तो हम हर साल करोड़ों रुपयों की बचत कर सकते हैं, यह जानते हुए की एलएनजी डीजल से 40 प्रतिशत किफायती है।

फ्यूल के तौर पर एलएनजी के जलने से शून्य मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन होता है साथ ही नाइट्रोजन ऑक्साइड का उत्सर्जन भी 85 फीसदी से कम होता है। पहले चरण में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई को जोड़ने वाले गोल्डन हाईवे पर 50 एलएनजी स्टेशन बनाये जा रहे हैं।


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