हर दिन बिक रहे 1 लाख से अधिक फास्टैग, फिर भी बढ़ रहा टोल प्लाजा पर वेटिंग टाइम
राजमार्ग मंत्रालय प्रतिदिन भारत में एक लाख से अधिक फास्टैग की बिक्री कर रहा है, देश में 15 जनवरी से इसे अनिवार्य किया गया है। अभी तक सरकार ने कुल 1.4 करोड़ फास्टैग की बिक्री कर ली है।

फास्टैग के आने से टोल प्लाजा पर वेटिंग टाइम में जहां कमी आनी चाहिए, लेकिन इसमें बढ़त दर्ज की जा रही है। परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में यह जानकारी दी है कि वेटिंग टाइम में 29 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गयी है।

वेटिंग टाइम में यह बढ़त तब और आश्चर्यजनक लगता है जब देश में टोल कलेक्शन का 60 प्रतिशत फास्टैग के माध्यम से वसूला जा रहा है। परिवहन मंत्री ने फास्टैग वाले लेन में वेटिंग टाइम में कमी आने की जानकारी भी दी है।

लेकिन जो हाइब्रिड लेन है जिसमें कैश व फास्टैग दोनों से टोल वसूला जाता है, वहां वेटिंग टाइम में जरूर बढ़त आयी है। उन्होंने यह भी बताया कि देश में प्रतिदिन 1 लाख से अधिक फास्टैग बेचे जा रहे है।

फास्टैग को टोल प्लाजा पर वाहनों के वेटिंग टाइम को घटाने तथा इस प्रक्रिया को डिजिटल रूप देने के लिए लाया गया था लेकिन उम्मीद के उलट वेटिंग टाइम में बढ़त दर्ज की गयी है।

सेंट्रल टोल प्लाजा ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम, जो कि देश भर के 488 टोल प्लाजा से लाइव डेटा इकठ्ठा करता है उन्होंने जानकारी दी थी कि 15 नवंबर से 14 दिंसबर के बीच तो प्लाजा प्लाजा पर वेटिंग टाइम 7 मिनट 44 सेकंड था।

इसके बाद देश के परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने फास्टैग को 15 दिंसबर से लागू करने की जानकारी दी थी, इसके बाद इसे बढ़ाकार 1 जनवरी व उसके बाद 15 जनवरी कर दिया गया था।

हालांकि इसके कोई सार्थक परिणाम अभी तक सामने नहीं आये है। उम्मीद है कि सभी वाहनों में फास्टैग लगे जाने के बाद टोल प्लाजा पर वेटिंग में लगने वाले समय में कमी आ सकती है।


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