गाजियाबाद पुलिस ने शुरू की नई पहल, अब बिना नंबर प्लेट के भी पहचाने जा सकेंगे ऑटोरिक्शा
गाजियाबाद पुलिस ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था और ऑटोरिक्शा पर सफर करने वाले यात्रियों के सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए एक अभियान चलाया है जिसके तहत शहर के सभी ऑटोरिक्शा और तिपहिया वाहनों को 4 अंक का यूनिक कोड दिया जा रहा है।

इस अभियान को 'ऑपरेशन नकेल' नाम दिया गया है। शहर में विभिन्न रूट पर चल रहे ऑटोरिक्शा के अनुसार कोड को निर्धारित किया गया है, जिससे ड्राइवर की पहचान की जाएगी।

दरअसल, एनसीआर क्षेत्र में लूट और छिनतई की घटनाएं दिनों-दिन बढ़ रही हैं। रात में महिलाओं से ऑटो ड्राइवर द्वारा दुर्व्यवहार की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिसपर लगाम लगाने के लिए गाजियाबाद पुलिस ने यह नया नियम शुरू किया है।

पुलिस के अनुसार लोग ऑटो से सफर करते समय वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर को याद नहीं रख पाते, जिससे किसी घटना होने के बाद ऑटोरिक्शा की पहचान करना मुश्किल हो जाता है।

इन यूनिक 4 डिजिट नंबर को ऑटोरिक्शा के नंबर प्लेट पर लगाया जाएगा जिससे यात्री यात्रा शुरू करते समय आसानी से याद रख सकते हैं। अगर यात्री के साथ किसी भी तरह की दुर्घटना होती है या उसका सामान छूट जाता है तो यूनिक नंबर से वाहन को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है।

यह यूनिक नंबर लेने के लिए ऑटो ड्राइवर को वाहन से संबंधित सभी डॉक्यूमेंट जैसे रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस, फोटो, प्रदूषण सर्टिफिकेट ट्रैफिक पुलिस के संबंधित कार्यालय में जमा करना होगा।

गाजियाबाद पुलिस का मानना है कि इस नए नियम के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद ऑटोरिक्शा में होने वाले अपराध को रोका जा सकेगा और चालक ट्रैफिक नियम का पालन करेंगे। पुलिस ने बताया कि अबतक 3,000 ऑटोरिक्शा और 2,000 टेम्पो में यूनिक नंबर लगा दिए गए हैं।


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