GM Talegaon Plant: जनरल मोटर्स ने तालेगांव स्थित प्लांट को किया बंद, जानें क्यों
जनरल मोटर्स (जीएम) ने अपने तालेगांव (पुणे) प्लांट में मैन्युफेक्चरिंग को बंद कर दिया है। कंपनी ने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि कंपनी यह देखना चाहती है कि क्या भारत में ग्रेट वॉल मोटर्स (जीडब्ल्यूएम) को नए ब्रांड को तौर पर उतारना सही रहेगा या नहीं।

साल 2020 की शुरुआत में चीनी एसयूवी निर्माता ग्रेट वॉल मोटर्स ने जनरल मोटर्स के प्लांट को लेने के अपने इरादे की घोषणा की थी। हालांकि कोरोना वायरस के चलते लगाए गए लॉकडाउन के कारण योजनाएं स्थगित कर दी गईं।

इसके बाद भारत और चीन का लद्दाख में आमना-सामना हो गया और तब से चीन के सभी नए निवेशों को रोक दिया गया है। टॉप इंडस्ट्री सूत्रों की माने तो कंपनी को फरवरी 2021 तक आगे काम की मंजूरी मिल सकती है।

सूत्रों का कहना है कि यह गतिरोध हमेशा के लिए जारी नहीं रह सकता है। स्पष्ट रूप से, इस समय भारत में निवेश की आवश्यकता है। इसे देखते हुए ही भारत और चीन दोनों एक व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने के बारे में सोच सकते हैं।

हालांकि संभावना यह है कि आईटी पक्ष पर अधिक निगरानी सुनिश्चित करने के लिए कठोर नियम बनाए जाएंगे। जीडब्ल्यूएम जैसी कंपनियों को स्नूपिंग के किसी भी जोखिम से बचने के लिए अधिक कड़े नियमों को मानना होगा।

कंपनी को एक बार हरी झंडी मिलने के बाद यह महाराष्ट्र सरकार के लिए भी एक बड़ी राहत होगी। महाराष्ट्र सरकार एक बड़े निवेशक के साथ अच्छा काम कर सकती है, खासकर तब जब महामारी से आर्थिक प्रभाव पड़ा हो।

वहीं दूसरी ओर भारत और चीन के बीच एक लंबे समय से गतिरोध चल रहा है, जिसके चलते जीडब्ल्यूएम को अपनी योजनाओं को बंद करना पड़ा है। जिसके परिणामस्वरूप जनरल मोटर्स के प्लांट को छोड़ दिया गया है।

आपको बता दें कि इस प्लांट के बंद होने से बंद हुए ऑटो मोबाइल प्लांट की संख्या बढ़ गई है। भारत में पहले से ही प्यूज़ो (मुंबई के पास कल्याण), देवू (सूरजपुर) और हिंदुस्तान मोटर्स (उत्तरपारा, पश्चिम बंगाल में) प्लांट बंद हो गई हैं।

इसके अलावा हाल ही में जापानी कार निर्माता कंपनी होंडा कार्स ने भी भारत में अपने ग्रेटर नोएडा स्थित प्लांट को बंद करने की घोषणा की है। यदि जीडब्ल्यूएम भारत में व्यापार नहीं शुरू करता है, तो अन्य चीनी कंपनियां भी ऐसा कर सकती हैं।
Source: AutoCarIndia


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