Garud Drone Operation: उड्डयन मंत्रालय ने गरुड़ पोर्टल किया लाॅन्च, मिलेगी ड्रोन संचालन अनुमति
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के सहयोग से मंगलवार को गरुड़ पोर्टल (Garud portal) लॉन्च किया है। गरुड़ पोर्टल कोरोना वायरस के उद्देश्यों से ड्रोन संचालित करने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति प्राप्त करने में राज्य संस्थाओं की सहायता करेगा। यह पोर्टल महत्वपूर्ण है क्योंकि कई राज्य निकाय सार्वजनिक स्थानों को कीटाणुरहित करने के लिए ड्रोन तैनात कर रहे हैं। विशेष रूप से, स्मार्ट शहरों, सड़कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कीटाणुनाशक स्प्रे करने के लिए ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है।

यह कोरोना वायरस द्वारा उत्पन्न चुनौतियों का समाधान करने में भी मदद करेगा और अगले आदेशों तक लागू रहेगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा है कि गरुड़ पोर्टल के अंतर्गत प्रावधानों के उल्लंघन पर अनुमति को रद्द कर दिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मंत्रालय ने ट्वीट कर डीजीसीए, एनआईसी, और भारतीय एयरपोर्ट अथॉरिटी को सिर्फ तीन दिन में गरुड़ पोर्टल का निर्माण कर उसे चालू करने के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

चेन्नई के एक ड्रोन स्टार्टअप कंपनी गरुड़ एयरोस्पेस ने हाल ही में कीटाणुनाशक स्प्रे करने के लिए ड्रोन का निर्माण किया है। यह ड्रोन सार्वजनिक स्थानों के साथ ऊंची इमारतों में भी कीटाणुनाशक का छिड़काव करने में सक्षम है।

इस ड्रोन का नाम 'कोरोना-किलर' रखा गया है, इन ड्रोन का उपयोग 450 फीट तक की इमारतों पर कीटाणुनाशक का छिड़काव करने के लिए किया जा सकता है।

देश के कई राज्य कीटाणुनाशक का छिड़काव करने के लिए ऐसे मानव रहित ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे ड्रोन संचालन में आसान और काफी तेज होते हैं। इनके इस्तेमाल से सफाई कर्मियों को भी कोरोना संक्रमण से बचाया जा सकता है।

चंडीगढ़ और बनारस में कीटाणुनाशक के छिड़काव के लिए बड़े स्तर पर ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे ड्रोन एक बार में 15-20 लीटर डिसइंफेक्टेंट का छिड़काव कर सकते हैं और 8-10 किलोमीटर का क्षेत्र कवर कर सकते हैं।


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