Fuel Sales Increases In June: जून के पहले हिस्से में फ्यूल बिक्री की हुई बढ़त
देश में लॉकडाउन में ढील दी जा चुकी है जिस वजह से लोगों ने घर से निकलना शुरू कर दिया है। लॉकडाउन के दौरान फ्यूल बिक्री में जो गिरावट आई थी वहा अब बेहतर होते जा रही है, जून के पहले हिस्से में फ्यूल बिक्री में बड़ी बढ़त दर्ज की गयी है।

जारी किये गए आकड़ों के अनुसार पेट्रोल की बिक्री में पिछले महीने के मुकाबले 63 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गयी है और अब यह 903,000 टन पर पहुंच गयी है। वहीं डीजल बिक्री की बात करें तो यह 39 प्रतिशत बढ़त के साथ खपत 2.68 मिलियन टन पर पहुंच गयी है।

हालांकि पेट्रोल व डीजल बिक्री में पिछले साल जून के पहले हिस्से के मुकाबले क्रमश 18 प्रतिशत व 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है। वहीं जून के पहले हफ्ते में एलपीजी की खपत में 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है तथा यह 960,000 टन पर पहुंच गयी है।

पिछले साल के मुकाबले इसमें 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है। जेट फ्यूल की खपत में दुगुनी बढ़त दर्ज की गयी है तथा यह 85,000 टन पर पहुंच गयी है। पिछले साल के मुकाबले इसमें 73 प्रतिशत की बड़ी कमी दर्ज की गयी है।

पिछले लगातार 12 दिन से पेट्रोल-डीजल की कीमत में वृद्धि हो रही है तथा फ्यूल की कीमत अब आसमान छूने लग गयी है। तेल कंपनियों के सूत्रों के अनुसार फ्यूल की कीमत में वृद्धि आने वाले दिनों में और भी बढ़ने वाली है, क्योकि ग्लोबल बाजार में भी फ्यूल की कीमत में भी वृद्धि हो रही है। वर्तमान में ग्लोबल क्रूड की कीमत अप्रैल के मुकाबले दोगुनी हो गयी है।

मार्च के अंत से फ्यूल की मांग में कमी आ गयी थी तथा अप्रैल में बड़ी गिरावट दर्ज की गयी थी। मई के आते कई कामों की छूट दी गयी थी जिस वजह से फ्यूल के मांग में थोड़ी वृद्धि हुई है लेकिन यह अब भी पर्याप्त नहीं है, जिस वजह से पेट्रोल पंप मालिक नुकसान झेल रहे हैं।

बतातें चले कि बाते वित्तीय वर्ष में फरवरी तक पेट्रोलियम उत्पाद की बिक्री में 1.9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गयी थी, लेकिन मार्च में कोविड-19 के आगमन के साथ ही यह 18 प्रतिशत कम हो गयी थी जिस वजह से वित्तीय वर्ष की बिक्री में बढ़त 0.22 प्रतिशत हो गयी थी।


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