Front Passenger Airbag To Be Mandatory: कारों में जल्द ही अनिवार्य हो सकता है फ्रंट पैसेंजर एयरबैग
भारत सरकार ने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कारों में अब कुछ सेफ्टी फीचर्स को अनिवार्य कर दिया है। लेकिन इसके बाद भी बाजार में मौजूद बहुत सी कारें काफी हद तक सुरक्षित नहीं हैं। इसके चलते भारत सरकार कुछ नए कार सुरक्षा दिशा-निर्देशों को लागू करने की योजना बना रही है।

भारतीय बाजार में लगभग सभी कार निर्माता कंपनियां अपनी कारों में ड्राइवर एयरबैग स्टैंडर्ड तौर पर दे रही हैं, लेकिन फ्रंट पैसेंजर एयरबैग को अभी कुछ कारों में नहीं दिया जाता है, क्योंकि यह स्टैंडर्ड तौर पर लागू नहीं है।

लेकिन अब जानकारी सामने आ रही है कि भारत सरकार जल्द ही इकोनॉमी क्लास की कारों सहित अन्य सभी कारों के लिए फ्रंट पैसेंजर साइड एयरबैग को अनिवार्य करने वाली है।

आपको बता दें कि बीते 1 जुलाई, 2019 से सभी कारों में ड्राइवर साइड एयरबैग अनिवार्य किया जा चुका है। व्हीकल स्टैंडर्ड पर शीर्ष तकनीकी समिति ने इस प्रस्ताव को आगे बढ़ा दिया है।

इसके साथ ही सरकार ने सुरक्षा फीचर्स से निपटने के लिए मोटर वाहन उद्योग मानक (एआईएस) में संशोधन करने के लिए एक मसौदा अधिसूचना भी जारी की है। एक सरकारी अधिकारी ने इस बारे में जानकारी दी है।

अधिकारी का कहना है कि "दुनिया भर में एक आम सहमति है कि दुर्घटनाग्रस्त होने की स्थिति में किसी भी कार के रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए वाहनों में ज्यादा से ज्यादा सेफ्टी फीचर्स होने चाहिए।"

अधिकारी का कहना है कि "हमने यह भी स्पष्ट किया है कि लागत की परवाह किए बिना सुरक्षा फीचर्स के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहिए।" सूत्रों की माने तो सड़क परिवहन मंत्रालय टाइम-लाइन पर काम कर रहा है।

परिवहन मंत्रालय जल्द से जल्द इन मानकों को लागू कर सकता है। एक अधिकारी की माने तो इस तरह के मानकों का पालन करने के लिए एक साल काफी होगा, जिससे कार निर्माता कंपनियां अपने वाहनों में पैसेंजर एयरबैग दे सकें।

आपको बता दें कि सिंगल एयरबैग को चालू करने वाला मौजूदा विनियमन अपर्याप्त है क्योंकि सड़क की दुर्घटना के कई मामलों पैसेंजर एयरबैग न होने के चलते सह-यात्री को गंभीर चोट या मौत भी हो जाती है।

आपको बता दें कि भारत सरकार ने स्पीड अलर्ट, रिवर्स पार्किंग सेंसर्स और सीट-बेल्ट रिमाइंडर जैसे फीचर्स, जो कि कम कीमत के साथ आते हैं, उन्हें पहले ही अनिवार्य कर दिया है और ये कारों में स्टैंडर्ड तौर पर दिए जा रहे हैं।

लेकिन वहीं फ्रंट सीट पर यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सेफ्टी गियर, एयरबैग को अब तक अनिवार्य नहीं बनाया गया है। विशेष एआईएस में संशोधन ने यह भी प्रस्तावित है कि कमर्शियल चार पहिया वाहनों में चाइल्ड लॉक सिस्टम होना चाहिए।


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