भारत आएगी दुनिया की पहली उड़ने वाली कार, मिनटों में तय होगा मीलों का सफर
दुनिया की पहली पर्सनल फ्लाइंग कार बहुत जल्द भारत में भी उड़ान भर सकती है। इस कार का नाम पर्सनल एयर लैंडिंग व्हीकल यानि पाल-वी रखा गया है। एक कार्यक्रम के दौरान कंपनी के सह-अध्यक्ष जन पीटर कोंनिंग ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर उन्हें इसकी तकनीकी जानकारी दे चुके हैं।

हालांकि, कंपनी ने भारत में वाहन लॉन्च करने के लिए कोई समयसीमा नहीं बताई है। इस फ्लाइंग कार में दो लोग बैठ सकते हैं और जमीन पर यात्रा करने के साथ-साथ उड़ान भी भर सकते हैं।

हवा में यह कार 200 मिल प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ सकती है जबकि सड़क पर यह 100 मिल प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकती है। नीदरलैंड में इस कार का तेजी से उत्पादन किया जा रहा है। इस कार की कीमत करीब 2.68 करोड़ रुपये रखी गई है।

कंपनी ने 2012 में इस यान का प्रोटोटाइप पेश किया था और अब व्यक्तिगत खरीदारों के लिए अगले एक साल के भीतर इसे लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।

कोंनिंग ने बताया कि इस कार को टेक ऑफ और लैंडिंग के लिए रनवे की जरूरत होगी। पाल-वी सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कर सकती है साथ ही इसका मेंटेनन्स कॉस्ट भी हेलीकाप्टर के मुकाबले 10 गुना कम है।

यह कार मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय वायु और भूमि नियमों का पालन करता है, जिनमें ईएएसए (यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी) और यूएस एफएए (फेडरल एविएशन अथॉरिटी) शामिल हैं।

इस कार को चलने के लिए प्रशिक्षण की जरूरत होगी जो कंपनी उपलब्ध कराएगी। प्रशिक्षण प्रक्रिया में लगभग 35-40 घंटे लगते हैं। कोनिंग ने कहा कि कंपनी को वाहन के रूप में शामिल करने के लिए दुनिया भर में पुलिस बलों, तट रक्षकों द्वारा संपर्क किया गया है।

वाहन का उपयोग चिकित्सा सहायता प्रदान करने और वीआईपी टैक्सी सेवाओं के लिए भी किया जा सकता है। हालांकि, सार्वजनिक परिवहन के लिए वाहन का उपयोग अभी के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। विश्व स्तर पर, सार्वजनिक परिवहन के लिए ऐसे वाहनों का उपयोग 2030 से पहले होने की उम्मीद नहीं है।


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