Fine For Wrong Use Of Hazard Light: हजार्ड लाइट के गलत इस्तेमाल करने वालों की अब नहीं खैर
अगर आप भी उन लोगों में से जो बेवजह हजार्ड लाइट का उपयोग करते हैं तो सावधान हो जाइए क्योकि अब पुलिस इसके लिए आपके ऊपर फाइन लगा सकती है, हाल ही में शिलोंग की ट्रैफिक पुलिस ने इस नए नियम की घोषणा की है। यह लोगों के बीच इसके बेवजह बढ़ते चलन की वजह से लाया गया है।

बतातें चले कि शिलोग पुलिस ने घोषणा की है कि जो लोग बेवजह हजार्ड लाइट का उपयोग करते हुए पाए जाते हैं, उनके खिलाफ धारा 177 के तहत कार्यवाही हो सकती है। धारा 177 के अनुसार एक हजार्ड लाइट का गलत उपयोग एक पनिशेबल एक्ट है तथा इसके लिए 300 रुपये तक का फाइन लगाया जा सकता है।

इस नियम को शिलोंग पुलिस ने इस लिए लाया है क्योकि वहां के स्थानीय लोग इस लाइट का उपयोग सीधे चलते समय करने लग गये थे जबकि इसका उपयोग सड़क पर चल रहे दूसरे वाहन को अपने वाहन को खतरा बतानें के लिए किया जाता है। इसके साथ वाहन के खराब होने या एक्सीडेंट होने पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

ऐसे में गलत इस्तेमाल करने वालों पर पुलिस 100 रुपये तथा बार बार यह जुर्म करने वालों पर 300 रुपये का फाइन लगाने वाली है। अनुमान है कि इससे लोगों के बीच जागरूकता भी आएगी और जानबूझ कर ऐसा करने वालों को कड़ा सन्देश जाएगा कि ऐसा करने पर फाइन लगाया जा सकता है।

ट्रैफिक से जुड़े इस तरह के नए नियम आते रहते हैं ताकि नए तरीके से लोगों को गलत करने से रोका जा सके। कई राज्य की ट्रैफिक पुलिस स्थिति के अनुसार ऐसे नियम लाते रहती है ताकि इस तरह के कार्य करने वालों को रोका जा सके।

हाल ही में कर्नाटक सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। कर्नाटक राज्य में अब बिना हेलमेट पहने मोटरसाइकिल या स्कूटर चलाने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। राज्य में परिवहन अधिकारियों को अब कहा गया है कि हेलमेट न पहन कर बाइक या स्कूटर चलाने वालों के 3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जाएंगे।

2019 में लागू होने वाले मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम के अनुसार कुछ नियमों में बदलाव हुआ था। अधिनियम के अनुसार बिना हेलमेट के बाइक या स्कूटर चलाने पर जुर्माने के तौर पर मात्र 100 रुपये लिए जाते थे, जिस बढ़ाकर 1,000 रुपये तक कर दिया गया था और अब इसे तीन महीने के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन तक में बदल दिया गया है।

हालांकि कई राज्यों ने मोटर व्हीकल एक्ट अधिनियम द्वारा निर्धारित नए नियमों का पालन नहीं किया है और कर्नाटक सरकार ने भी जनता के विरोध के बाद 500 रुपये का जुर्माना कम किया था और ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन को लागू नहीं किया था।


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