Fiat Chrysler Auto Research Centre: फिएट क्रिसलर ऑटो हैदराबाद में शुरू करेगी आईटी केंद्र
फिएट क्रिसलर ऑटो (FCA) हैदराबाद में में आईटी केंद्र का निर्माण करने की योजना की घोषणा की है जिसमे 2,000 कर्मचारी कार्यरत होंगे। यह केंद्र कंपनी की कारों में डिजिटल तकनीक के लिए सहायता प्रदान करेगा। फिलहाल, फिएट क्रिसलर ऑटो पुणे और चेन्नई में तकनीकी केंद्र का संचालन कर रही है जिसमे 1,500 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं।

फिएट क्रिसलर ऑटो दुनियाभर में 100 से अधिक निर्माण संयंत्र और 40 से अधिक रिसर्च और डेवलपमेंट फैसिलिटी का संचालन करती है। फिएट क्रिसलर ऑटो के तहत क्रिसलर, फिएट, जीप और मासेराती कार ब्रांड शामिल हैं। कंपनी ने बताया है कि हैदराबाद के आईटी केंद्र से कंपनी को अपने उत्पादों में तकनीकी सुधार लाने में मदद मिलेगी।

इस आईटी केंद्र को जर्मनी की ऑटोमोटिव कंपनी जेडएफ की सहायता से स्थापित किया जा रहा है। और इसी महीने दोनों कंपनियां साझेदारी की आधिकारिक घोषणा भी करने वाली हैं। भारत ऑटोमोबाइल उद्योग और तकनीक में एक उदाहरण बनकर उभर रहा है।

आज विश्व की सभी बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियां भारत में अपने उत्पादों की बिक्री कर रही हैं। भारत कारों के लिए एक बड़ा बाजार भी है और माध्यम वर्ग की आय में बढ़ोतरी के साथ क्रय क्षमता में भी बढ़ोतरी आयी है जिससे वाहनों की मांग बढ़ी है। भारत किफायती कारों के साथ लग्जरी कारों का भी बड़ा बाजार है।

नास्कॉम के एक रिपोर्ट के अनुसार कार कंपनियों ने भारत में रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए 31 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है। इससे पता चलता है कि आने वाले दिनों में भारत ऑटोमोबाइल तकनीक के विकास में अहम भूमिका निभाने वाला है।

कार कंपनियां डिजिटल इंजीनियरिंग में अधिक निवेश कर रही हैं इसके लिए कंपनियों को देश से बेहतर डिजिटल इंजीनियरों की जरूरत है जो ऑटोमोबाइल क्षेत्र में अपनी भागीदारी दे सकें। कई कंपनियों ने शिक्षण संस्थानों की साझेदारी से ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट के लिए प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया है।

मर्सिडीज-बेंज, होंडा, हुंडई, मारुति सुजुकी जैसी कंपनियां देश में रिसर्च एंड डेवलपमेंट केंद्रों का संचालन कर रही हैं। यह कंपनियां देश में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, और कनेक्टेड कार तकनीक के विकास पर काम कर रही हैं।


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