फिएट ने 1.3 लीटर मल्टीजेट डीजल इंजन का उत्पादन किया बंद, 24 कारों में हुआ इस्तेमाल
कार निर्माता कंपनी फिएट ने इस बात की घोषणा की है कि अब कंपनी 1.3 लीटर मल्टीजेट डीजल इंजन का उत्पादन नहीं करेगी। इस इंजन का इस्तेमाल अलग-अलग ब्रांड की करीब 24 कारों में इस्तेमाल किया गया है।

कंपनी की जानकारी के अनुसार 24 जनवरी 2020 को कंपनी ने आखिरी 1.3 लीटर डीजल इंजन का उत्पादन किया था। इस इंजन का इस्तेमाल कई कारों में किया गया है, जिसकी वजह से इसे राष्ट्रीय इंजन के तौर पर जाना जाता है।

फिएट ने दावा किया है कि इस इंजन के 8,00,048 यूनिट अब तक बनाए गए है और यह एक बहुत बड़ी संख्या है। इस इंजन का इस्तेमाल अलग-अलग कंपनियों की 24 कारों में किया गया है और इनमें से कई कार बहुत लोकप्रिय भी है।

जिसके चलते इंजन की मांग काफी ज्यादा थी। मारुति सुजुकी इस इंजन को डीडीआईएस, शेवरले इसे स्मार्टटेक बैज के साथ इस्तेमाल करती थी। वहीं टाटा क्वाड्राटेक, प्राइमर सीआरडीआई4 और फिएट मल्टीजेट बैज के साथ इस्तेमाल करती थी।

इस इंजन का इस्तेमाल कई कारों जैसे फिएट लीनिया, फिएट पुन्टो, मारुति सुजुकी अर्टिगा, स्विफ्ट, रिट्ज, डीजायर, विटारा ब्रेजा और शेवरले बीट जैसी अन्य कई कारों में हुआ है।

इतनी कारों में इस्तेमाल होने के चलते ही आप समझ सकते है कि इसे क्यों भारत के नेशनल इंजन के तौर पर जाना जाता है। इस इंजन में 4 सिलेंडर यूनिट का इस्तेमाल किया जाता था।

इस इंजन से बेहतरीन आवाज, दमदार टॉर्क और बेहतर माइलेज मिलता था, जिसकी वजह से लोगों को यह बहुत पसंद आता था। लेकिन अब इस बेहतरीन इंजन का उत्पादन बंद हो रहा है।

ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि 1 अप्रैल 2020 से बीएस6 उत्सर्जन मानकों को लागू किया जा रहा है। जिसका मतलब है कि 1 अप्रैल से ज्यादा क्लीन, ग्रीन और किफायती इंजन का इस्तेमाल किया जाएगा।

फिएट ने इस बात का फैसला किया है कि वह 1.3 लीटर मल्टीजेट को बीएस6 अपडेट नहीं देगा। ऐसा इसलिए क्यों की बहुत सी कार निर्माता कंपनी डीजल इंजन का प्रयोग कम कर रही है और कुछ कंपनियां खुद अपने डीजल इंजन का उत्पादन कर रही है।


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