देश भर में 15 जनवरी से फास्टैग हुआ अनिवार्य, जानिये कैसे और कहां से खरीदे
15 जनवरी से देश भर के सभी टोल प्लाजा अथवा टोल बुथ पर फास्टैग से टोल भुगतान को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए टोल प्लाजा पर विशेष फास्टैग लेन बनाए गए हैं।

अगर अपने वाहन पर आपने अभी तक फास्टैग नहीं लगवाया है तो अब आपको दोगुना टोल टैक्स भुगतान करना पड़ेगा। बता दें कि केंद्र सरकार ने 15 दिसंबर से फास्टैग लागू करने की योजना बनाई थी जिसे बढ़ाकर 15 जनवरी कर दिया गया था।

नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ने एक रिपोर्ट में बताया है कि दिसंबर में 6.4 करोड़ फास्टैग ट्रांजेक्शन से कुल 1,256 करोड़ रुपये की राशि जमा की गई जबकि, नवंबर में 3.4 करोड़ ट्रांजेक्शन से 774 करोड़ रुपये का टोल इकठ्ठा किया गया था।

क्या हैं फास्टैग के फायदे?
फास्टैग एक डिजिटल स्टीकर है जिसे गाड़ियों के शीशे पर लगाया जाता है। यह रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी पर काम करती है। जब गाड़िया टोल प्लाजा से गुजरती हैं तब फास्टैग से जुड़े बैंक या प्रीपेड अकाउंट से अपने आप ही टोल टैक्स का भुगतान हो जाता है।

इससे आपको टोल पलजा पर गाड़ी रोक कर टोल भुगतान करने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे आपका कीमती समय बच जाता है। टोल पर गाड़ियों के न रुकने से हाईवे पर लगने वाले जाम की स्थिति से भी निजात पाया जा सकेगा।

वाहन चालकों को अपने फास्टैग अकाउंट में कम से कम 200 रुपये रखने होंगे। यात्रा के दौरान राशि कम होने के चलते दोगुना टोल नहीं देना पड़ेगा।

कैसे और कहां लें फास्टैग?
फास्टैग जारी करने का काम 23 बैंकों को सौंपा गया है, जहां पॉइंट-ऑफ-सेल के जरिए फास्टैग दिया जा रहा है। आप निर्धारित ट्रांसपोर्ट ऑफिस या टोल प्लाजा पर भी फास्टैग खरीद सकते हैं।

फास्टैग लेने के लिए आपको केवाईसी और व्हीकल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिखाना होगा। आप फास्टैग अमेजन और पेटीएम पर ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं। फास्टैग से जुड़ी किसी भी समस्या या जानकारी के लिए नीचे दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

बता दें कि फास्टैग लेन में चल रहे बिना फास्टैग वाले वाहनों से दंड के रूप में दोगुना टोल टैक्स वसूल करने का प्रावधान है। यह इसलिए क्योंकि फास्टैग उपयोगकर्ताओं को लेन में इंतजार न करना पड़े और ट्रैफिक जाम की समस्या न हो।

परिवहन मंत्रालय के आदेश के अनुसार प्रत्येक टोल प्लाजा पर 25 प्रतिशत टोल लेन को कैश और फास्टैग ट्रांजेक्शन, दोनों के लिए आरक्षित रखा गया है जबकि शेष लेन में फास्टैग वाली ही गाड़ियों को अनुमति है।

यह व्यस्था कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने और टोलप्लाजा में लगने वाली गाड़ियों की भीड़ को खत्म करने के उद्देश्य से की गई है। फास्टैग के आने के बाद टोल कलेक्शन में दिनों दिन वृद्धि हो रही है। फास्टैग का प्रयोग सुरक्षा और वाहन की ट्रैकिंग की दृस्टि से भी किया जा रहा है। इसमें सरकार के पास टोल प्लाजा से गुजरने वाली हर गाड़ी का रिकॉर्ड होगा।


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