Fastag Is Mandatory To Avail Discount: टोल टैक्स पर डिस्काउंट के लिए फास्टैग का होना अनिवार्य, जानें
परिवहन मंत्रालय ने वाहन मालिकों के लिए सभी प्रकार के टोल शुल्क पर छूट प्राप्त करने के लिए फास्टैग का होना अनिवार्य कर दिया है। इसमें उन वाहनपन को शामिल किया गया है जो 24 घंटे के भीतर वापसी यात्रा करते हैं। जीएसआर 523 (ई) के अनुसार अधिसूचित राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों और संग्रह का निर्धारण) नियम, 2008 में संशोधन करने वाली एक अधिसूचना सोमवार को इस आशय के लिए जारी की गई।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा पर डिजिटल भुगतान को और बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार ने यह निर्णय लिया है। इसके अनुसार 24 घंटे के भीतर वापसी की यात्रा करने वाले उपयोगकर्ताओं को छूट केवल तभी प्रदान किये जाएंगे जब वाहन एक वैध फास्टैग लगा हो।

छूट के लिए देय शुल्क का भुगतान प्री-पेड इंस्ट्रूमेंट्स, स्मार्ट कार्ड या फास्टैग के माध्यम से या बोर्ड यूनिट (ट्रांसपोंडर) या किसी अन्य ऐसे उपकरण के माध्यम से किया जाएगा।

संशोधन यह भी सक्षम करेगा कि उन मामलों में जहां 24 घंटे के भीतर वापसी यात्रा के लिए छूट उपलब्ध है, पूर्व प्राप्ति या सूचना की कोई आवश्यकता नहीं है और नागरिक को छूट स्वतः मिल जाएगी यदि वापसी यात्रा 24 घंटे के भीतर कर लेता है। छूट की राशि स्वतः ही चालक के अकाउंट में जमा कर दी जाएगी।

RFID आधारित फास्टैग को 2014 में पेश किया गया था। यह टैग वाहन के विंडस्क्रीन पर चिपकाया जाता है। टोल प्लाजा से गुजरने पर टोल पर लगा सेंसर फास्टैग की पहचान कर उससे लिंक खाते से स्वतः ही टोल टैक्स काट लेता है।

परिवहन मंत्रालय के आदेश के अनुसार प्रत्येक टोल प्लाजा पर 25 प्रतिशत टोल लेन को कैश और फास्टैग ट्रांजेक्शन, दोनों के लिए आरक्षित रखा गया है जबकि शेष लेन में फास्टैग वाली ही गाड़ियों को अनुमति है।

बता दें कि फास्टैग लेन में चल रहे बिना फास्टैग वाले वाहनों से दंड के रूप में दोगुना टोल टैक्स वसूल करने का प्रावधान है। यह इसलिए क्योंकि फास्टैग उपयोगकर्ताओं को लेन में इंतजार न करना पड़े और ट्रैफिक जाम की समस्या न हो।


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