Fame-2 Scheme Validity Extended: फेम-2 स्कीम की वैद्यता 31 दिसंबर तक बढ़ी, जानें
भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय ने देश में फेम-2 स्कीम की अवधि को 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ा दिया है। बता दें कि जुलाई में इस स्कीम को सितंबर 2020 तक के लिए बढ़ाया गया था जिसके बाद इसकी अवधि को एक बार फिर बढ़ाया गया है। मंत्रालय के इस फैसले का लाभ फेम-2 स्कीम के अंतर्गत सभी पंजीकृत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और फोर-व्हीलर वाहन निर्माताओं को मिलेगा।

हालांकि, ट्रक और बस जैसे भारी और बड़े इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अवधि को बढ़ाया है या नहीं इस बात की मंत्रालय ने पुष्टि नहीं की है। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण और विकास के लिए भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय ने फेम (फास्टर एडॉप्शन ऑफ मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) स्कीम को अप्रैल 2015 में लॉन्च किया था। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास के लिए नीतिगत ढांचा तैयार किया गया था।

इस स्कीम में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग को बढ़ाने, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने और तकनीक की मदद से इलेक्ट्रिक वाहनों को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। फेम स्कीम के पहले चरण को दो साल की अवधि के लिए अप्रैल 2015 में लागू किया गया था। लेकिन इस स्कीम की अवधि को कई बार बढ़ाया गया और 31 मार्च 2019 में पहल चरण पूरा कर लिया गया।

फेम-2 स्कीम का लक्ष्य मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहित करने और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आवश्यक चार्जिंग बुनियादी ढांचे की स्थापना करना है। हाल ही में केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों पर लगने वाले टैक्स को कम करने की बात कही है।

मौजूदा समय में इलेक्ट्रिक वाहनों पर 5 प्रतिशत, वहीं अन्य वाहनों पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता है। फेम-2 स्कीम के तहत मुख्य रूप से कमर्शियल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर, फोर-व्हीलर और प्राइवेट टू-व्हीलर वाहनों की खरीद पर छूट प्रदान की जा रही है।

इस पहल के माध्यम से, सरकार 10 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया, 5 लाख इलेक्ट्रिक तीन-पहिया, 55,000 इलेक्ट्रिक चार पहिया और 7,000 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को सुविधाजनक बनाने के लिए लक्ष्य रखा है। केंद्र सरकार ने 2030 तक 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने का महत्वाकांशी लक्ष्य रखा है।

हालांकि, प्रोत्साहन विशेष रूप से उन वाहनों को दिया जा रहा है जो लिथियम आयन बैटरी द्वारा संचालित होते हैं या ईंधन सेल जैसी अन्य अग्रिम प्रौद्योगिकियों पर चलते हैं। हुंडई इंडिया, एमजी मोटर इंडिया जैसी कंपनियों ने भारत में अपने इलेक्ट्रिक वाहनों को पहले ही लॉन्च कर दिया है और मर्सिडीज-बेंज भारत में अपनी इलेक्ट्रिक कार ईक्यूसी लाने वाली पहला लग्जरी कार निर्माता होगी।


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