Fame-2 Scheme Deadline Extended: फेम-2 स्कीम अब 30 सितंबर 2020 तक होगी वैद्य, जानें
उद्योग मंत्रालय ने देश में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं के लिए चलाए जा रहे फेम-2 स्कीम की अंतिम तिथि में बढ़ोत्तरी कर दी है। बता दें कि फेम-2 स्कीम की वैद्यता 30 जून को समाप्त हो रही थी जिसे बढ़ाकर अब 30 सितंबर तक कर दिया गया है। फेम-2 स्कीम देश भर में इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन को बढ़ावा देने और देश में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार करने के लिए चलाया जा रहा है।

इस योजना में केंद्र सरकार के उपक्रम एनर्जी एफिसिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) की अहम भूमिका है। इस स्कीम के तहत देश के कई राज्यों में इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए चार्जिंग स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। फेम-2 स्कीम में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को भी शामिल किया गया है।

स्कीम में इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनियों को आयत शुल्क, उत्पादन शुल्क और टैक्स में छूट जैसे कई फायदे दिए गए है ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत कम की जा सके।

योजना के तहत सभी पंजीकृत ऑटोमेकर अब 30 सितंबर, 2020 तक लाभ प्राप्त कर सकेंगे। यह विस्तार 01 जुलाई, 2020 से सभी स्वीकृत इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों पर लागू होगा। हालांकि, इलेक्ट्रिक बसों जैसे बड़े वाहनों के बारे में कोई स्पष्टता नहीं है।

पिछले साल फरवरी में, सरकार ने फेम-1 योजना का विस्तार करते हुए फेम-2 योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए थे। केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक सभी परिवहन संसाधनों को 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों में बदल दिया जाए।

इस पहल के माध्यम से, सरकार ने 10 लाख दोपहिया, 5 लाख तिपहिया, 55,000 चार पहिया और 7,000 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को सुविधाजनक बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हालांकि, प्रोत्साहन विशेष रूप से उन वाहनों को दिया जा रहा है जो लिथियम आयन बैटरी द्वारा संचालित होते हैं या फ्यूल सेल जैसी अन्य नई तकनीक पर चलते हैं।

फेम-2 स्कीम के तहत देश भर के बड़े शहरों में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 2,600 चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। परियोजना के तहत सड़कों पर हर 4 किलोमीटर के अंतराल पर एक चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध होगा। चार्जिंग स्टेशनों की निरंतर उपलब्धता से लोगों को वाहन चार्ज करने की चिंता से निजात मिलेगा।


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